पीलीभीत। कोविड-19 के संक्रमण के चलते हरियाणा समेत अन्य राज्यों में फंसे 400 से अधिक मजदूरों के आने की सूचना पर प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम ने व्यवस्था संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी बना दी है ताकि आने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो। उनकी ठीक से स्क्रीनिंग कराई जा सके।
लॉकडाउन के दौरान काम कारखाने बंद होने से दिल्ली, नोएडा, बुलंदशहर, उत्तराखंड से अब तक 9000 से अधिक श्रमिक और अन्य लोग आ चुके हैं। शनिवार को प्रशासन को हरियाणा और समेत कुछ अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूरों के आने की सूचना मिली तो प्रशासन सतर्क हो गया है। दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण, भोजन और ठहरने की व्यवस्था को लेकर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें पीडी योगेंद्र पाठक को नोडल, जबकि एआरटीओ अमिताभ राय और एआरएम विजय गंगवार को सहायक अधिकारी नामित किया गया है। डीएम वैभव श्रीवास्तवने नोडल और सहायक अधिकारियों से बाहर से आने वाले श्रमिकों की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को हरियाणा समेत बाकी राज्यों से 400 से अधिक मजदूर के शनिवार देर रात तक या रविवार सुबह पहुंचने की संभावना थी।
पूरनपुर में 170 मजदूरों के लिए बनाया नया शेल्टर होम
पूरनपुर। यहां एक नया शेल्टर होम बनाया गया है। हरियाणा से आने वाले मजदूरों को रखा जाएगा। हरियाणा से तहसील क्षेत्र के 95 लोगों को लाने के लिए वाहनों को रवाना किया गया है। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि हरियाणा में 170 मजदूरों को बुलाया जा रहा है। इसके लिए बसें भेजी गई हैं। इनमेें 95 मजदूर पूरनपुर के हैं। इन्हें शेल्टर होम में क्वारंटीन किया जाना है। इसके लिए सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में नया शेल्टर होम बनाया गया है। संवाद