पीलीभीत। रोजगार की तलाश में पूरनपुर क्षेत्र से करीब 10 हजार लोग विदेश गए थे। कुछ लोगों ने वहीं की नागरिकता ले ली तो काफी लोग अपना व्यवसाय चालू कर चुके हैं। मगर, दुनिया भर के देशों में फैले कोरोना वायरस ने उनका करोड़ों का कारोबार चौपट कर दिया। अब ये परिवार विदेश में ही फंसकर रह गए। वे न तो अपने देश वापस आने की स्थिति में हैं, न ही वहां कारोबार कर पा रहे हैं।
इनके परिवार वाले कोरोना के संक्रमण के चलते यहां परेशान हैं। परिजन फोन पर रोजाना जानकारी भी ले रहे हैं, लेकिन कोरोना पीड़ित देशों के गंभीर हालात जानकर उनकी सांसे अटक रही हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों में बहुत से ऐसे हैं, जिन्हें कोरोना से कारोबार में करोड़ों का नुकसान हो चुका है। पूरनपुर क्षेत्र के 10 हजार लोग अमेरिका, फ्रांस, इटली, कनाडा और नार्वे में रह रहे हैं। तराई में 70 हजार से अधिक सिखों के परिवार हैं। प्रत्येक दूसरे या तीसरे परिवार के एक या दो सदस्य विदेश में हैं। फिर इनके रिश्तेदार भी किसी न किसी काम से अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, इटली या नार्वे में रोजगार की तलाश में गए हुए हैं। या फिर वहीं कारोबार करने लगे हैं। अब वे न तो अपने देश लौटने की हालत में हैं और न ही वहां रुकने की।
नार्वे में चार दिन से बंद है दिल्ला होल्डिंग के 86 रेंस्तरा और पब
पूरनपुर। उदयकरपुर निवासी राजपाल सिंह और सतवंत कौर की पुत्री मंदीप कौर और दामाद जसप्रीत सिंह की नार्वे की राजधानी ओस्लो शहर में रहते हैं। जसप्रीत की दिल्ला होल्डिंग नाम से 86 रेंस्तरा, पब और होटल हैं। पिता राजपाल सिंह के मुताबिक बेटी मंदीप कौर ने बताया कि नार्वे में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लोग घरों में कैद हैं। उनके 86 रेंस्तरा और पब बीते चार दिन से लगातार बंद हैं। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। अगर हालात नहीं सुधरे तो कारोबार में उनको बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं राजपाल सिंह के बेटे सनी हंजरा की पत्नी के दो भाई कनाडा में परिवार समेत रहते हैं। वहां दोनों कोरोना वायरस के संक्रमण के हालातों से जूझ रहे हैं। राजपाल सिंह का पूरा परिवार नार्वे और कनाडा में रहने वाले अपने बेटी व दामाद और रिश्तेदारों के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
बेटा-बहू ही नहीं... सब ठीक रहें यही दुआ
पूरनपुर क्षेत्र के ही गांव पिपरिया करम निवासी भूपिंदर सिंह और गुरुमीत कौर के पुत्र गुरजिंदर सिंह व पुत्र वधू अनमोल कौर आस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में रहते हैं। गुरजिंदर के भाई चरनजीत ने बताया कि जब से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है, तब से भाई से लगातार फोन पर बात हो रही है। भाई के परिवार ने कोरोना के चलते करीब दो महीने के लायक खाने-पीने का सामान घर में इकट्ठा कर लिया है। भीड़भाड़ में जाने से भी बच रहे हैं। गुरमीत कौर तो अपने बेटे-बहू को लेकर खासी चिंता में हैं। बोली-रब से यही दुआ है कि मेरा बेटा-बहू ही नहीं, सभी स्वस्थ रहें।