माधोटांडा। कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट होने का दावा तो कर रहा है, लेकिन दावे धरातल पर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हाल ही में नेपाल में हुई शादी के बाद नेपाली दुल्हन समेत उसके पति को स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी में ले रखा था। लेकिन, अब शारदा पार सीमावर्ती गांव में भारतीय थारू युवक की शादी नेपाली युवती से होने की जानकारी मिली है। मामला खासा चर्चा में है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक नहीं है।
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर शासन से जारी गाइडलाइन के मुताबिक इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे 25 गांवों के बाशिंदों को जागरूक करने के निर्देेश दिए गए थे। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने इन गांवों में जाकर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया था। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने भी कुछ गांवों में जाकर कोरोना वायरस से बचाव के तौर तरीके के बारे में बताया था। मगर स्वास्थ्य विभाग की यह सजगता धरी की धरी रह गई, जब तराई क्षेत्र के शारदा पार इलाके में ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में थारू जनजाति की बस्ती में एक भारतीय युवक ने नेपाली युवती से शादी भी कर ली और स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक भी नहीं लगी। बताते हैं कि गांव में 12 मार्च को हुए एक विवाह समारोह में नेपाल की युवती से शादी रचाने वाला युवक एक ग्राम पंचायत सदस्य का बेटा है। धूम धड़ाके से हुई शादी में मांस मदिरा का भी दौर चला। नेपाली नवविवाहिता के ससुर ने बताया कि नेपाली बहू स्वयं ही घर आकर बैठ गई थी। इसलिए बेटे के साथ उसका विवाह करा दिया। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि थारू जनजाति की बस्ती के बाशिंदों का नेपाल आना जाना रहता है, आपस में रिश्तेदारियां भी हैं।
एक नेपाली दुल्हन समेत आठ निगरानी में
पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग विभिन्न देशों से लौटे अब तक करीब 40 व्यक्तियों की 28 दिन तक निगरानी का कार्य पूरा का चुका है और ये सभी अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। शुक्रवार को जिले में किसी भी व्यक्ति के विदेश से आने की सूचना नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक विभाग द्वारा एक नेपाली दुल्हन समेत आठ लोगों को निगरानी में लिया गया है। रेपिड रेंस्पांस टीम की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. महविश सिद्दीकी के मुताबिक इन सभी की निगरानी चल रही है। फिलहाल ये सभी स्वस्थ हैं।
सीमावर्ती गांव में ऐसी किसी शादी की जानकारी नहीं मिली है, पता कराया जाएगा। इसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ