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कोरोना अलर्ट: चीन समेत सात देशों से आने वाले यात्री 14 दिन नहीं जाएंगे घर, क्यूएफसी में रहेंगे

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पीलीभीत। चीन समेत सात देशों से आए यात्रियों को 14 दिन तक अपने घर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें क्यूएफसी (क्यूरेंटाइन फेसेलिटी सेंटर) में रखा जाएगा। शासन ने कोरोना से बचाव एवं रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कॉल सेंटर मैनेजमेंट टीम समेत 11 तरह की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में पांच सदस्य शामिल किए गए हैं।
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देश में कोरोना संक्रमित की एक बुजुर्ग की मौत और प्रदेश में कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद शासन ने इस बारे में सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल के मुताबिक अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण जैसे लक्षण वालों को ही क्यूरेंटाइन (अलग) किया जा रहा था। मगर, कोरोना संदिग्धों की बढ़ती संख्या के चलते इसकी रोकथाम के लिए अब चीन, ईरान, दक्षिणी कोरिया, इटली, जर्मनी, स्पेन और फ्रांस से आने वाले प्रत्येक यात्री को 14 दिन तक उसके घर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें क्यूेंरटाइन फेसेलिटी सेंटर में ही रखा जाएगा, ताकि संक्रमण मिलने पर समय रहते उसे आइसोलेट किया जा सके। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. रुकुमकेश द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि इन यात्रियों की देखरेख भी वायरस संक्रमित व्यक्ति की देखरेख के लिए बनाई गई गाइडलाइन के अनुसार ही होगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जल्द ही क्यूरेंटाइन फेसेलिटी सेंटर स्थापित होंगे।
24 घंटे क्रियाशील रहेगा कंट्रोल रूम
संचारी रोग विभाग के निदेशक के निर्देश पर कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। कंट्रोल रूम के संचालन को पांच सदस्यीय टीमें भी बनाई गई हैं। अब कोरोना वायरस से जुड़े मामलों की जानकारी कंट्रोल रूम में मोबाइल नंबर 9557703746 या 7505067527 पर दी जा सकती है।
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शासन के निर्देश पर बनी 11 टीमें
शासन के निर्देश पर कोराना वायरस से जुड़े मामलों की निगरानी और रोकथाम के लिए 11 टीमों को गठन किया गया है। इसमें कॉल सेंटर मैनेेजमेंट टीम, एचआर मैनेजमेंट टीम, सर्विलांस टीम, ट्रेनिंग एंड डाक्यूमेंटेशन टीम, इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट टीम, मेटेरियल मैनेजमेंट टीम, आईईसी/बीबीसी एंड मीडिया मैनेजमेंट टीम, प्राइवेट हॉस्पिटल सर्विलांस टीम, ट्रांसपोर्टेशन कोआर्डिनेशन टीम, इंटर डिपार्टमेंटल कोआर्डिनेशन टीम और साइकोलॉजिकल सपोर्ट टीम का गठन किया गया है। इन सभी टीमों में पांच-पांच सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें सभी एसीएमओ, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल के फिजिशियन समेत अन्य डॉक्टरों को शामिल किया गया है।
शासन के निर्देश पर गाइडलाइन के मुताबिक तैयारियां की गई हैं। कंट्रोलरूम भी स्थापित किया गया है। इसके अलावा निगरानी और रोकथाम को भी 11 टीमें बनाई गई हैं। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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