पीलीभीत। बॉर्डर इलाका होने के कारण कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरतने का दावा किया जा रहा है। दो मोबाइल मेडिकल वैन भी बार्डर क्षेत्र में दौड़ रही है। इन सबके बावजूद दो मार्च को पीलीभीत से नेपाल गई एक बरात दुल्हन को लेकर वापस भी आई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को कानों कान खबर नहीं हुई। अब स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच कराने की बात कह रहा है।
शहर की एक कॉलोनी से दो मार्च की सुबह एक बरात नेपाल के महेंद्रनगर के सूखासाल रवाना हुई थी। बरात में दूल्हा समेत करीब 20 से 25 से अधिक बराती थे। यह बरात नेपाल दोपहर बाद पहुंच भी गई। नेपाल में तीन मार्च की सायं सात बजे आर्शीवाद समारोह और प्रीतिभोज में सभी बराती शामिल हुए और जमकर नेपाली खाने का स्वाद चखा। कुल मिलाकर सभी भारतीय बराती नेपाल में करीब 20 घंटे रहे। खास बात यह रही है कि स्वास्थ्य विभाग बॉर्डर क्षेत्र में बैठकें कर लोगों को जागरुक कर रहा है और लगातार आने जाने वालों पर निगाह रख रहा है, लेकिन उनकी निगाह नेपाल में गई बरातियों पर आने जाने के दौरान नहीं पड़ी। पहले तो स्वास्थ्य विभाग ने इसे पूरी तरह से अफवाह बता दिया, लेकिन जब शादी कार्ड उनके पास पहुंचा तो स्वास्थ्य विभाग ने जांच कराने की बात कही है। फिलहाल नेपाल गई बरात का मामला खासी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बॉर्डर क्षेत्र पर लगातार निगाह रखी जा रही है। एसएसबी से भी संपर्क किया गया है। दो मेडिकल मोबाइल वैन भी संचालित की जा रही है। यदि कोई ऐसा मामला है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
थाईलैंड से लौटे तीन लोगों की हो रही निगरानी
पीलीभीत। नोएडा, दिल्ली और आगरा में कोराना वायरस के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद इस खतरनाक वायरस को लेकर हर कोई दहशत में है। हालांकि विदेश से अब तक पीलीभीत में 38 लोग लौटे हैं। शासन की ओर से इनकी सूची भेजी गई थी। गनीमत ये है कि इसमें शामिल 35 लोगों की लगातार 28 दिनों तक निगरानी की गई थी। ये सभी अब बिलकुल ठीक हैं। इधर एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि अब थाईलैंड से लौटे तीन लागों की निगरानी की जा रही है। उनका कहना है कि इस वायरस को लेकर क्षेत्र के लोगों को बेवजह डरने और दूसरों को डराने की जरुरत नहीं है। सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है।