पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते देवहा, खकरा समेत अन्य नदियों का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है। देवहा और खकरा का पानी निचले इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ की आंशका के चलते प्रशासन ने निचले स्थानों पर अलर्ट जारी किया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने एसडीएम सदर के साथ पुलिस लाइन और कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे बसे लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़-कटान की आशंका को ध्यान में रखते हुए बाढ़ खंड पूरनपुर के अधिशाषी अभियंता मिन्हाज अहमद ने भी मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिले में कहीं भी बाढ़ के खतरे की आशंका से इंकार किया है।
बुधवार सुबह बनवसा बैराज से शारदा नदी में करीब 70 हजार क्यूसेक व डूनी डैम से देवहा नदी में करीब सात हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। बैराज से पानी रिलीज होने व पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद शारदा, देवहा और खकरा नदी का जलस्तर बढ़ गया। देवहा, खकरा के किनारे निचले इलाकों में बसे नावकूड़ और चंदोई में मामूली रूप से जलभराव हो गया है। खकरा का पानी अब पुलिस लाइन की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ की आशंका के चलते सिटी मजिस्टेट जितेंद्र शर्मा ने एसडीएम सदर जेपी चौहान के साथ कलेक्ट्रेट परिसर के चारों ओर बने मिट्टी के बांध का निरीक्षण करने के साथ नदी किनारे के इलाके का दौरा किया। उन्होंने पुलिस लाइन के पीछे पुराने हेलीपैड के पास रह रहे 11 परिवारों व कलेक्ट्रेट परिसर के पिछले हिस्से में रह रहे 17 परिवारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। यदि बैराज से अधिक मात्रा में पानी रिलीज किया गया तो बाढ़ का पानी पुलिस लाइन, आफीसर्स कॉलोनी, चंदोई व नावकूड़ में पहुंच सकता है। इधर सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि स्थिति सामान्य है। निचले इलाके में बसे लोगों को सतर्क किया गया है।
रमनगरा बुझिया में स्पर शारदा के निशाने पर
कटान नहीं थमा तो पलिया, पुरैना और सेल्हा में हो सकती है तबाही
माधोटांडा। बरसों से जिन पत्थरों से बनी ठोकरों की मरम्मत नहीं हुई और शायद मान लिया गया कि नदी स्परों तक नहीं आएगी, लेकिन कटान की गति ऐसी ही रही तो रमनगरा बुझिया के समीप बने पत्थर के स्पर एक पखवाड़े के भीतर नदी की भेंट चढ़ सकते हैं। यहां डाउन स्ट्रीम में नदी के कटान की गति काफी तेज है और नदी कृषि फसलों को काटती हुई निचले क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है।
रमनगरा क्षेत्र के रमनगरा बुझिया के उस इलाके में जहां नदी से पिछले वर्षों में सैकड़ों एकड़ जमीन काटने के साथ एक गुरुद्वारा व स्पर नदी के भेंट चढ़ गए थे। बाद में नदी ने यह इलाका छोड़ दिया था। सिंचाई विभाग ने बाद में करीब 12 स्पर यहां बनवाए, लेकिन पिछले तीन दिनों से नदी स्परों की डाउन स्ट्रीम में तेजी से कटान कर रही है। किसानों की गन्ने और सब्जी की फसलें नदी की भेंट चढ़ रही हैं। यहां पर नदी कटान करती हुई निचले हिस्से में आ चुकी है। ऐसे में यदि इस समय बाढ़ आ जाती है तो शारदा का पानी पलिया, पुरैना ताल्लुके महाराजपुर और सेल्हा के इलाके को बुरी तरह प्रभावित कर देगा।
बाढ़ खंड ने यहां पर पत्थर के स्परों की डाउन स्ट्रीम में नदी के किनारे एसी बैग का एक बांध बनाकर किनारों को ऊंचा किया था, लेकिन बुधवार नदी ने उस ऊंचे भाग का भी कटान शुरू कर दिया। नदी के ताजा कटान से लोग सहमे हुए हैं। इधर नलडेंगा में भी स्पर एक व दो के दोनों ओर नदी का कटान बुधवार को भी जारी रहा।