अकाल एकडमी गोमती पुल के प्रबंधक जसवंत सिंह ने बताया कि समारोह को लेकर 22 नवंबर से गुरुद्वारा में चल रहे श्री अखंड पाठ की 55 वीं लड़ी का भोग पड़ा। इसके बाद महान नगर कीर्तन निकाला गया। जो आसाम हाइवे से होता हुआ नगर के आसाम चौराहा स्थित गुरुद्वारा पहुंच समाप्त हुआ। महान नगर कीर्तन में सबसे आगे बाइक सवार श्रद्धालु, उनके पीछे बैंडबाजे, साफ-सफाई करते कारसेवक और गुरु महाराज की फूलों से सजी सवारी चल रही थी। उसके पीछे तमाम श्रद्धालु भजन कीर्तन करते चल रहे थे। नगर कीर्तन में सबसे आगे गतका पार्टी के कलाकार विभिन्न हैरतअंगेज करतब दिखाते चल रहे थे। महान नगर कीर्तन में नानकपुरी वाले बाबा चंदन, मोहनपुर के बाबा अजायब सिंह, जसवंत सिंह, सुखदेव सिंह छीना, अजमेर सिंह छीना, डॉ. जोगेंद्र सिंह, कश्मीर सिंह, जगवीर सिंह, गुरदेव सिंह, दलवीर सिंह, गुरवीर सिंह, गुरसेवक सिंह आदि थे। आसाम चौराहा के गुरुद्वारा में नगर कीर्तन के समापन पर दीवान सजा। जत्थेदार जैविंदर सिंह, जसवंत सिंह, राजवंश सिंह, केवल सिंह, गुरमीत सिंह के कीर्तनी जत्था, लवप्रीत सिंह, स्वर्ण सिंह के कविश्वरी जत्थे ने शहीदों के बारे में जानकारी दी। गुरु का अटूट लंगर चला। संचालन मास्टर गुरदयाल सिंह ने किया। समारोह में पलविंदर सिंह मावी, कुलविंदर सिंह, जितेंद्र पाल सिंह, पूरन सिंह, हरदीप सिंह, निर्मल सिंह, सतनाम सिंह, अमरजीत सिंह आदि थे।
प्रबंध कमेटी सदस्यों ने सौंपा सरोपा
महान नगर कीर्तन में पंच प्यारों को नगर के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा की प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह खैरा, जागीर सिंह, कश्मीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, हरविंदर सिंह सन्नी आदि ने सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। नगर कीर्तन का आसाम हाइवे पर एक पेट्रोल पंप सहित कई स्थानों पर स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं को जलपान कराया गया।