गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा से रविवार सुबह करीब दस बजे जो बोले सो निहाल के उद्घोष के साथ नगर कीर्तन का शुभारंभ किया गया। नगर कीर्तन में सबसे आगे स्कूली बच्चे ने बैंडबाजे की धुन पर कदमताल करते चल रहे थे। उसके पीछे तमाम बाइक सवार युवा चल रहे थे। पंच प्यारों के आगे महिलाएं सड़क पर साफ सफाई करती चल रही थीं। फूलों से सजी गुरु महाराज की पालकी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। पालकी के पीछे वाहनों पर सवार संगत वाहो वाहो गोविंद सिंह, आपे गुरू चेला का कीर्तनी स्वर करते चल रही थीं। इस दौरान गतका पार्टी के कलाकारों ने हैरतअंगेज कारनामों का प्रदर्शन कर लोगों को दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर कर दिया।
नगर कीर्तन चौकी चौराहा, ड्यूनीडाम मार्ग होते हुए गिधौर, खिड़का फार्म, लैलपुरी गुरुद्वारा, टांडा विजैसी गुरुद्वारा, पोलीगंज गुरुद्वारा पहुंचा। शाम करीब पांच बजे नगर कीर्तन पुन: गुरुद्वारा कलगीधर श्री सिंह सभा में आकर संपन्न हो गया। नगर कीर्तन में कस्बे के अलावा आसपास क्षेत्र की संगत ने बड़ी संख्या में भाग लिया। गुरुद्वारा कलगीधर श्री सिंह सभा में सोमवार को श्री अखंड पाठ साहिब का भोग पड़ेगा और गुरु पर्व मनाया जाएगा।