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Pilibhit News: अपात्रों पर मेहरबान, बैंकों के भरोसे टिकी पेंशन की वसूली

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पीलीभीत। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के अपात्र लाभार्थियों पर समाज कल्याण विभाग मेहरबान है। अपात्रों से वसूली तो दूर विभाग नोटिस देने से भी कतरा रहा है। मृतक लाभार्थियों के खाते में कितनी धनराशि भेजी गई। उनके परिजनोंं ने पेंशन की धनराशि वापस की या नहीं... जिला समाज कल्याण अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। कहना है कि बैंक खुद ही धनराशि वापस कर देता है। वर्ष में दो बार सत्यापन के बाद भी 2854 मृतकों का नाम सूची में शामिल होना सत्यापन पर सवाल खड़ा कर रहा है।
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वृद्धावस्था पेंशन में पारदर्शिता और गड़बड़ी रोकने के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही सत्यापन कराया जाता है। मृतकों और अपात्रों का नाम सूची से हटाकर शेष पात्र लाभार्थियों के खाते में वृद्धावस्था पेंशन जाती है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत में अप्रैल में सत्यापन कराया था।
इसके बाद निदेशालय के निर्देश पर दिसंबर 2024 में सत्यापन कराया गया। दावा किया कि सूची में शामिल मृतकों के नाम हटा दिए गए। तीन माह बाद अप्रैल 2025 में कराए गए सत्यापन में 2854 बुजुर्ग मृतक मिले। 85 लोग ऐसे भी मिले जो वृद्धावस्था पेंशन के पात्र ही नहीं थे। इस तरह 2939 लोग अपात्रता की श्रेणी में शामिल मिले।
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यह आंकड़े दिसंबर में कराए गए सत्यापन पर सवाल उठाने के लिए काफी थे। अब तीन माह में करीब तीन हजार अपात्रों का सूची में होना विभाग की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा रहा है।



धनराशि वसूलने से कतरा रहा विभाग
85 अपात्रों और मृतकों के खाते में गई पेंशन की धनराशि की वसूली में विभाग का रवैया काफी लचर है। अब तक अपात्रों को नोटिस तक नहीं दी गई है। मृतक लाभार्थियों से भी जानकारी नहीं की गई। समाज कल्याण अधिकारी चंद्र मोहन विश्नोई का कहना है कि मृतक लाभार्थियों के खाते में गई धनराशि बैंक खुद ही वापस कर देता है। बैंकों को पत्र भी जाता है। अपात्रों से रिकवरी के सवाल पर उनका जवाब गोलमोल था। रिकवरी कराएंगे या नहीं, इस पर चुप्पी साध गए।

विभाग से दूरी, बैंक को सूचना देते हैं परिजन
वृद्धावस्था पेंशन का लाभ रहे लाभार्थी की मृत्यु पर विभाग को सूचित करने का नियम है। मगर अधिकतर परिजन ऐसा नहीं कर रहे। विभाग भी वार्षिक सत्यापन के भरोसे रहता है। बैंक में धनराशि फंसने पर परिजन मृतक का मृत्यु प्रमाणपत्र दाखिल करते हैं। इसके बाद बैंक ही कभी-कभार विभाग को पेंशन की धनराशि वापस भेज देता है। समाज कल्याण विभाग इसी को अपनी कार्रवाई बताकर पीठ थपथपा लेता है।
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