अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा कार्यकर्ताओं ने जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी और हमले के विरोध में जुलूस निकालकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय और अन्य विभिन्न समस्याओं को लेकर एसडीएम को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा।
नगर के भाकपा (माले) कार्यालय से शुरू हुआ जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ एसडीएम कार्यालय के समीप पहुंचकर धरने में बदल गया। धरना स्थल पर हुई सभा में कहा गया कि कन्हैया कुमार सहित अन्य पर लगाया गया देशद्रोह का मुकदमा सरासर गलत है। वामपंथी संगठन पर भाजपा और उसके सहयोगी संगठन हमला कर रहे हैं। रोहित वेमूला और कन्हैया कुमार इसका उदाहरण हैं। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा मनरेगा मेें मजदूरों को मजदूरी न मिलने, गरीबों को लोहिया आवास, शौचालय न मिलने पर रोष व्यक्त किया गया। सभा में भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य देवाशीष राय, प्रहलाद, नून्हूलाल, जितेंद्र कुमार, छुन्नू खां, रामचंद्र पाल, विमलेश कुमार, रामचंद्र, विकास, सईद खां आदि ने भी विचार व्यक्त किए। सभा के बाद राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में दिया गया। ज्ञापन में जेएनयू प्रकरण में फंसाए गए छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित सभी छात्रों पर दर्ज मुकदमा वापस करने, बगैर शर्त के रिहा करने, भाजपा के इशारे पर वामपंथी छात्र संगठन पर एबीवीपी द्वारा किए जा रहे अनैतिक कृत्यों पर रोक लगाने, पटियाला हाउस कोर्ट मेें पेशी के दौरान कन्हैया कुमार पर हमला करने वालों को गिरफ्तार कराने, पुलिस की लापरवाही की जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कराने, जेएनयू प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई। एसडीएम को संबोधित अन्य ज्ञापन में खेत मजदूर, भूमिहीन किसानों का नाम बीपीएल सूची में दर्ज कराने, मनरेगा मजदूरों को साल में दो सौ दिन काम और तीन सौ रुपये मजदूरी दिलवाने, बकाया मजदूरी का शीघ्र भुगतान, सभी गरीबों को लोहिया आवास, शुलभ शौचालय दिलवाने, गरीबों को पचास किलोग्राम अनाज दिलवाने, खाद्य सुरक्षा बिल में राशन सामग्री बढ़वाने, शारदा नदी के दोनों किनारों पर बाढ़ से पहले ठोकरों का निर्माण कराने, चंदिया हजारा बंगाली कालोनी मेें अस्पताल की भूमि और भवन से पुलिस का कब्जा हटवाने, शेरपुरकलां में भाकपा नेता छुन्नू खां के घर पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी कराने आदि की मांग की गई।