पीलीभीत। बाघ जंगल से सटे ही नहीं, बल्कि एक बार फिर शहर से सटे गांवों में भी चहलकदमी करने लगे हैं। शहर से सटे चंदोई गांव में गेहूं की फसल में पानी लगवा रहे शहर निवासी कांग्रेस नेता सैयद जकी ने पास के गन्ने के खेत में पहले बाघ की दहाड़ सुनी। पहले तो उन्होंने इस आवाज को हल्के में लिया, लेकिन जब जमीन पर बने बाघ के पगचिह्न देखे तो वह खेत के दूसरे छोर पर काम कर रहे मजदूरों की ओर भागे और फिर वहां से फार्म हाउस की ओर दौड़ पड़े। बाघ ने फार्म हाउस के बाहर तक दहाड़ लगाई। बाघ से कांग्रेस नेता बाल-बाल बच गए। उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग को दी।
टाइगर रिजर्व से बाहर अमरिया और गजरौला बाघों की शरण स्थली माना जाता है। मगर, शहर से सटे गांव में बाघ की चहलकदमी लंबे अरसे बाद सामने आ रही है। कांग्रेस कमेटी में प्रदेश मंत्री रहे चुके वरिष्ठ नेता सैय्यद जकी ने बताया शहर से सटे चंदोई गांव में उनका फार्म हाउस है। पास से ही देवहा नदी गुजरती है। सोमवार को खेत में गेहूं की फसल में पानी लगाया जा रहा था। एक दर्जन मजदूर खेत के दूसरे छोर पर काम कर रहे थे। वह खेत की मेढ पर पेड़ के नीचे खड़े हुए थे। उसी समय पास में गन्ने के खेत से बाघ के दहाड़ सुनाई दी। ऐसा लगा कि मानो बाघ ने किसी जानवर पर हमला किया हो। बाघ की दहाड़ सुनकर वह डर गए। जब खेत में नीचे की ओर देखा तो वहां बाघ के ताजा पगचिह्न बने थे। यह देखकर सैयद जकी ने खेत पर काम करने वाले मजदूरों की ओर दौड़ लगा दी। फिर वहां से फार्म हाउस पहुंच गए। कांग्रेस नेता के अनुसार बाघ उनके फार्म हाउस तक आ गया और काफी देर तक दहाड़ता रहा। काफी देर बाद एकत्र होकर पेड़ की ओर पहुंचे और बाघ के पगचिह्न देखे। फार्म हाउस पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने खेतों में बाघ होने की सूचना वन विभाग को दी। उन्होंने बताया कि खेत से लेकर फार्म हाउस तक बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनने के बाद वह और मजदूर दहशत में हैं। घटना के बाद दिन में शाम पांच बजे तक ही मजदूरों से खेत में काम करने के लिए कहा गया है।
शहर से सटा गांव होने से बाघ होने का अंदेशा नहीं रहता। दिन में बाघ की दहाड़ सुनने और पगचिह्न मिलने के बाद से मैं दहशत में हूं। हमने गांव वालों को भी सतर्क कर दिया है। गेहूूं की बुआई और सिंचाई का काम चल रहा है। मजदूरों को समय से खेत से वापस लौटने को कहा है। - सैय्यद जकी, कांग्रेस नेता
बाघ की सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना किया है। जानकारी जुटाने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है। गांव वालों से सतर्क रहने को कहा है। - संजीव कुमार, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग