केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी की अध्यक्षता में जिला
सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री ने सभी को
न्याय दिलाने के साथ गरीबों एवं जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के
निर्देश दिए।
केंद्र सरकार बनने के बाद पहली बार कलेक्ट्रेट स्थित गांधी
सभागार में हुई सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री
ने जिले के विकास कार्यों का हाल परखा। उन्होंने कहा कि वह पीलीभीत को घर
समझ कर संभालती हैं और इसके विकास के लिए प्रयासरत हैं।
जिले की टूटी
सड़कों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पीडब्ल्यूडी और आरईएस के अधिशासी
अभियंताओं को 16 फरवरी तक सड़कों की मरम्मत पूरा करने के निर्देश दिए। साथ
ही ओवरलोडिंग पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश एआरटीओ को दिए।
केंद्रीय
मंत्री ने पर्यावरण पर विशेष जोर देते हुए पेड़ लगवाने, गौशाला की
व्यवस्थाएं ठीक कराने, घोड़ों के लिए अस्तबल बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से जन शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनका निस्तारण
कराने और किसी भी समस्या के लिए सीधे उनसे बात करने को भी कहा।
बैठक
में डीएम ओएन सिंह, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीडीओ के अलावा सभी अधिकारी
एवं अनुश्रवण समिति के नामित सदस्य एमआर मलिक, आशा मिश्रा, बाबूराम पासवान,
पीआरओ रंजीत कुमार, अश्विनी कुमार, प्रमोद अग्रवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
नदारद रहे सत्ता दल के मंत्री और विधायक
सतर्कता
एवं अनुश्रवण समिति में सांसद के अलावा विधायक, मंत्री एवं अन्य
जनप्रतिनिधि भी सदस्य होते हैं। लेकिन बैठक में बीसलपुर के भाजपा विधायक,
सपा के बरखेड़ा व पूरनपुर विधायक नदारद रहे। साथ ही राज्यमंत्री एवं ब्लाक
प्रमुख भी नहीं पहुंचे। सभी की सीटों पर उनकी पट्टिका लगी रही।
यह दिए निर्देश-
-सड़क किनारे 1000 पाकड़ के पेड़ लगाएं जाएं
- ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारों को ट्रेनिंग दिलाएं
- 1000 सामूहिक शादियां कराई जाएं
- विकलांग केंद्र पर ट्राई साइकिलें मौजूद रहें
- जिला पंचायत की चुंगियां हटाईं जाए
- जन-धन खाता धारकों को रुपे कार्ड पहुंचाएं
- शेरपुर में गोकशी बंद कराई जाए
- सांसद आदर्श गांव में एक बैंक जल्द खुले
- जंगल में नहीं बने फायर लाइन
- जंगल से सटे ग्रामीणों को गैस कनेक्शन मिले
- कुपोषण पर गंभीरता से काम किया जाए
- हर घर में हो शौचालय की व्यवस्था हो।