भगवान श्रीकृष्ण की छठी महोत्सव के बाद मोहल्ला छोटा खुदागंज से शुक्रवार देर रात निकल रही जलविहार यात्रा का दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध किया। जिसको लेकर कहासुनी हुई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामले को शांत कराने के बजाए लाठियां फटकारी शुरू कर दीं। इससे यात्रा में शामिल करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंचे सीओ सिटी और सुनगढ़ी इंस्पेक्टर ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। शनिवार सुबह घटना के विरोध में मोहल्लावासियों ने पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर तहरीर एएसपी को दी है वहीं शिवसेना ने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ज्ञापन सौंपा है।
मोहल्ला छोटा खुदागंज सहित कई मंदिरों में पिछले कई वर्षों से श्रीकृष्ण छठी महोत्सव के बाद जलयात्रा निकाली जाती है जो विभिन्न मंदिरों से शुरू होकर ईदगाह रेलवे क्रासिंग के निकट देवहा नदी तक जाती है। शुक्रवार देरशाम भी छोटा खुदागंज स्थिति मंदिर से झांकियों के साथ जल विहार यात्रा शुरू हुई। आरोप है कि कुछ दूर चलने पर दूसरे समुदाय के कुछ युवकों ने यात्रा में चल रही महिलाओं से छींटाकशी कर दी तथा उन्हीं में से किसी ने उत्पात मचाते हुए लाइट व साउंड के साथ चल रहे जनरेटर के तार तोड़ कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस पर यात्रा में शामिल लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। यात्रा में साथ चल रहे कुछ लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। आरोप है कि इस पर फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बिना माहौल समझे लाठियां फटकारी शुरू कर दीं। जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस की पिटाई से महंत अखिलेश दास, अनुपम, चंदन, जितेंद्र, रवि, अंकित सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी कौशलेंद्र सिंह पुंडीर और इंस्पेक्टर सुनगढ़ी बृजेश सिंह ने लोगों को समझाकर शांत कराया। शनिवार सुबह यात्रा में शामिल मोहल्ले के लोगों ने पुलिस लाइन पहुंचकर एएसपी को तहरीर देकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिवसेना ने जताया विरोध, ज्ञापन सौंपा
पीलीभीत। छठी महोत्सव के बाद जलविहार यात्रा निकाल रहे श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज की शिवसेना ने निंदा की है। शनिवार को कार्यकर्ताओं ने पुलिस लाइन पहुंचकर एएसपी को ज्ञापन सौंपा। इसमें पुलिस पर एक पक्ष को खुश करने के लिए सत्ता पक्ष के इशारे पर लाठी चार्ज करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि कई दशकों से जलविहार यात्रा निकलती आ रही है, जिसमें सुरक्षा के लिहाज से पुलिस मौजूद रहती है लेकिन इस बार कोई भी सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। ज्ञापन में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
एसपी ने किया इंकार
जलविहार यात्रा में कुछ लोग जबरन डेक बजा रहे थे। शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंच उसे बंद करा दिया था। इस दौरान किसी पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। जवाहर एसपी