जिले के तालाबों की समस्या बने जलकुंभी से अब जैविक खाद एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं तैयार होंगी। इसके लिए चलो गांव की ओर से संस्था के नेतृत्व में एक दल गोवाहटी (आसाम) में प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
तालाबों में अनायास उगने वाली जलकुंभी अब बेकार नहीं जाएगी, इसे आजीविका का माध्यम बनाया जाएगा। आसाम के गोवाहटी में इससे कई वस्तुएं बनाई जाती हैं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की पहल पर अब उनके प्रतिनिधि जेबीएस परिहार की संस्था चलो गांव की ओर के सदस्य इसका प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
संस्था के निदेशक परिहार ने बताया कि गोवाहटी में प्रशिक्षण के लिए जिले से 20 महिलाओं का दल उनके साथ जा रहा है। यह महिलाएं मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार होंगी और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जिले में इसका प्रशिक्षण देकर 200 महिलाओं को प्रशिक्षण देंगी साथ ही वस्तुओं का उत्पादन कराएंगी।
उन्होंने बताया कि बुधवार को दल रवाना होगा जो 15 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त कर 17 फरवरी को पीलीभीत पहुंचेगा।