जेल में बंद अपनों से मिलने के लिए अब लोगों को मुलाकाती पर्ची के लिए
घंटों लाइनें नहीं लगानी पड़ेगी। शासन ने ऑनलाइन मुलाकाती पर्ची जारी करने
के लिए दो कम्प्यूटरीकृत पर्ची इश्यू काउंटर बनवाने के आदेश दिए हैं। इसके
लिए जेल प्रशासन को 30 हजार रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। ये दोनों काउंटर
जेल गेट के पास बनाए जाएंगे।
शासन ने सूबे की सभी जेलों में ई-प्रिजन
योजना लागू करने की कवायद शुरू की है। इस योजना के तहत सूबे की सभी जेलों
को कम्प्यूटरीकृत किया जाना है। इसी क्रम में पीलीभीत जिला जेल को शासन ने
30 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है। इस धनराशि से जेल के मुख्यद्वार
पर दो कम्प्यूटरीकृत काउंटर बनाए जाएंगे। काउंटर पर लगने वाले कम्प्यूटर
में विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम (वीएमएस) सॉफ्टवेयर लोड होगा। इस सॉफ्टवेयर व
एनआईसी की वेबसाइट पर बंदियों व कैदियों का डाटा नाम-पते के साथ लोड रहेगा।
बंदी से मिलने आने वाले लोग जब स्क्रीन पर पांचों उंगलियां रखेंगे तो मशीन
उंगलियों के डिजिटल निशान लेने के बाद मुलाकाती पर्ची देगी। शासन ने दोनों
काउंटर 15 दिन के अंदर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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मुलाकातियों को यह होगा फायदा
वर्ष
2015 में जिला जेल पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी। इससे बंदियों और कैदियों के
परिवार वालों को यह फायदा होगा कि वह वेबसाइट पर यह देख सकेंगे कि जिस दिन
वे बंदी से मिलने जेल जाएंगे उस दिन बंदी पेशी अथवा कहीं बाहर तो नहीं गया
होगा। दूसरा फायदा यह होगा कि उन्हें लाइन लगाकर मुलाकाती पर्ची पाने के
लिए घंटों मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि जेल को पूरी तरह से
कम्प्यूटरीकृत ऑनलाइन होने में इसी वर्ष किया जाएगा।
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ई-प्रिजन
योजना के तहत दो कम्प्यूटरीकृत पर्ची इश्यू काउंटर बनाने के लिए 30 हजार
रुपये मिल गए हैं। दो हफ्ते में काउंटरों को तैयार होना है। यह सुविधा लागू
होने से मुलाकातियों को काफी सहूलियत होगी।
महेंद्रपाल जेलर, जिला कारागार