बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों व मदरसों में सर्व
शिक्षा अभियान व मिड डे मील योजनाओं से पडे़ प्रभावों को जानने के लिए
मूल्यांकन कार्य किया जाना है। शासन के निर्देश पर मूल्यांकन कार्य प्रदेश
के पांच जिलों में होगा। इसमें मुजफ्फरनगर, चंदौली, पीलीभीत आदि को शामिल
किया गया है। इसको लेकर चार सदस्यीय टीम 16 मार्च को यहां पहुंच रही है।
जिले
के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में केंद्र व राज्य पोषित योजनाएं
लागू करने के बाद भी छात्र नामांकन की स्थिति, ड्राप आउट की संख्या में
इजाफा और शिक्षा गुणवत्ता का ग्राफ निरंतर गिरता जा रहा है। शासन ने मामले
को गंभीरता से लेते हुए संचालित योजनाओं से पड़े प्रभावों की हकीकत जानने
को मूल्यांकन कार्य कराने का फैसला लिया है। इस कार्य की जिम्मेदारी राज्य
नियोजन संस्थान को दी गई है।
इनका होगा मूल्यांकन
राज्य नियाजन
संस्थान के मूल्यांकन प्रभाग की चार सदस्यीय टीम 16 मार्च को जिले में
पहुंच रही है। यह टीम बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान व
मिड डे मील योजनाओं से छात्र नामांकन, उपस्थिति, ड्रापआउट, स्कूलों में
बच्चों का ठहराव और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़े प्रभावों को जानने के लिए
मूल्यांकन करेगी।
जिले के 20 स्कूलों में होगा मूल्यांकन
बीएसए के
मुताबिक चार सदस्यीय टीम जिले के दो विकासखंडों में प्राथमिक, उच्च
प्राथमिक विद्यालयों व मदरसों में मूल्यांकन कर योजनाओं से पड़े प्रभावों
को जानेगी। इसके दोनों दो विकास खंडों के दस-दस स्कूल चिंहित किए जाएंगें।
राज्य नियोजन संस्थान के संयुक्त निदेशक सैय्यद आफाक अहमद ने बीएसए को टीम
का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
शासन के निर्देश पर
चार सदस्यीय टीम 16 मार्च को यहां पहुंच रही है। जो स्कूलों में संचालित
योजनाओं से पड़े प्रभावों की हकीकत जानेगी। इसके लिए दो विकासखंडों के 20
स्कूलों को चिन्हित किया जाएगा।
अंबरीष कुमार यादव, बीएसए