फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: आसान नहीं होगा गेहूं को रिजेक्ट करना, दर्ज करना होगा कारण

विज्ञापन
मंडी समिति परिसर ​स्थित गेंहू खरीद केंद्र पर लगे बेनर । फाइल फोटो
विज्ञापन
पीलीभीत। खरीद केंद्र प्रभारी अब केंद्राें पर बिक्री के लिए आने वाले गेहूं को गुणवत्ता में कमी बताकर तौल से मना नहीं कर सकेंगे। अब उन्हें गेहूं को रिजेक्ट करने के पीछे कारणों को भी बताना होगा। इसके लिए चार सदस्यीय टीम जांच पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट देगी।
विज्ञापन

खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों की फसल को मनमाने तरीके से रिजेक्ट कर दिया जाता है। कहा जाता है कि सरकार के मानक के अनुसार उनकी उपज नहीं है। केंद्र प्रभारियों के लिए अब ऐसा करना आसान नहीं होगा। किसानों की समस्याओं को देखते हुए शासन ने फसल को खरीदने से मना करने में शर्तों को लागू किया है।
जारी आदेशों का हवाला देकर डीएम संजय कुमार सिंह ने समस्त केंद्र प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि खरीद से मना करने पर रिजेक्शन रजिस्टर में गेहूं विक्रेता का नाम, उसका पूरा पता, मोबाइल नंबर, गेहूं की मात्रा और तौल से मना करने का कारण दर्ज करना होगा। इसे ऑनलाइन भी दर्ज करना होगा। निर्देश हैं कि रिजेक्ट होने की दशा में नमूना भी केंद्र पर रखा जाएगा। अगर किसी किसान को फसल निरस्त किए जाने को लेकर कोई शिकायत है तो वह तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहां अपील भी कर सकता है।
विज्ञापन


यह रहेगी टीम
डीएम ने तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी को अध्यक्ष, मंडी सचिव, कृषि विपणन निरीक्षक, क्रय केंद्र प्रभारी और दो स्वत्रंत किसानों को सदस्य बनाया गया है। इन्हीं की रिपोर्ट के बाद उपज को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन


तहसील स्तर पर जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। उपज रिजेक्ट होने की दशा में किसान की अपील पर यह टीम अपनी जांच करेगी।- विजय कुमार, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें