गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गोष्ठी का आयोजन, मेधावी भी सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चीनी उद्योग की वर्तमान स्थिति, चुनौतियां एवं निराकरण विषय पर गोष्ठी हुई। वक्ताओं का कहना था कि नई प्रजाति के गन्ने की बुआई कर चीनी उद्योग की स्थिति में सुधार किया जा सकता है।
एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। अपर गन्ना आयुक्त डॉ. बीवी सिंह ने ऑनलाइन जुड़कर सुधार के उपायों की जानकारी दी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष आशुतोष ने कहा कि चीनी उद्योग के सुधार के लिए सबसे पहले किसानों को गन्ना फसल को लेकर प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। जरूरी है कि उन्हें नई-नई प्रजातियों की जानकारी देकर उनकी बुआई के लिए प्रेरित किया जाए। उनका कहना था कि इससे न सिर्फ किसानों को फसल का वाजिब मूल्य मिलगा बल्कि चीनी उद्योग की स्थिति में सुधार लाया जा सकेगा।
विवेकानंद पीजी कॉलेज बिजनौर की डॉ. रजिया शकील ने चीनी मिलों की स्थिति सुधार पर जोर के साथ अधिक परता वाले गन्ने की बुआई पर जोर दिया। बीसलपुर राजकीय महाविद्यालय के शोधार्थी कुणाल सक्सेना ने ग्राफिक्स के माध्यम से सुधार के संबंध में जानकारी दी।
लखनऊ गन्ना संस्थान के विषय विशेषज्ञ अरुण कुमार, उपाधि महाविद्यालय पीलीभीत के प्राचार्य दुष्यंत कुमार, गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने भी विचार रखे। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति डॉ. एडीएन वाजपेयी ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम की प्रशंसा की।
गोष्ठी में विभिन्न स्कूलों के इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। गोष्ठी में पूर्व प्रबंधक मोहन सिंह, पूर्व संचालक सतेंद्र सिंह और महाविद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा। संचालन डॉ. पिंदर सिंह ने किया।
गन्ना कृषक महाविद्यालय में छात्र को पुरस्कृत करते एसडीएम राजेश शुक्ला व प्राचार्य । स्रोत - महा