नेपाल सीमा से सटे टाटरगंज गांव में हुए समारोह में मौजूद लोग स्रोत : ग्रामीण
पूरनपुर। नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण की चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। शिकायत और प्रशासन की जांच के बाद शुक्रवार को गांव टाटरगंज में हुआ समारोह चर्चा में है। गांव के एक धार्मिक स्थल में हुए इस समारोह में लोगों ने अपने धर्म के प्रति ईमानदार रहने का संकल्प लिया। साथ ही लोगों को घर वापसी के लिए प्रेरित भी किया गया। कार्यक्रम में करीब 800 लोगों ने शिरकत की।
कार्यक्रम विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सोहन सोलंकी की देखरेख में हुआ। उन्होंने सिख धर्म के इतिहास पर प्रकाश डाला। प्रांत संगठन मंत्री राजेश, प्रांत धर्म प्रचार प्रमुख मुकुंददास, सह प्रांत धर्म प्रसार देवेंद्र सोम, सिख संगठन के जसवीर सिंह विर्क आदि ने विचार रखे। पदाधिकारियों ने बताया कि समारोह में लोगों ने अपने धर्म के प्रति ईमानदार रहने का संकल्प लिया। समारोह में शामिल हुए अधिकांश लोगों ने सिख धर्म को मानने व धर्म परिवर्तन करने से इन्कार कर दिया।
गुरुद्वारा सिंह सभा नानक नगरी बैल्हा की प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष गुरदयाल सिंह ने बताया कि समारोह में घर वापसी के नाम पर कुछ नहीं हुआ। समारोह में पहुंचे लोगों ने सिख धर्म को ही मानने की जानकारी दी। उन्होंने सीमा के गांवों में धर्म परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर धर्म परिवर्तन की घटनाओं में सुधार नहीं हुआ, तब देश के हालातों को लेकर चिंता लाजिमी है। उन्होंने तो इसकी शिकायत भी की। अफसर भी मामले को छिपाने में जुटे हैं। अगर सही से जांच हो, तब स्थिति स्पष्ट होगी। गुरुद्वारा कमेटी के सचिव परमजीत ने बताया कि समारोह में जो लोग शामिल हुए। उनमें से अधिकांश सिख धर्म को ही मानने वाले हैं। कार्यक्रम को लेकर हजारा थाना पुलिस गांव में मुस्तैद रही। एलआईयू भी सक्रिय थी।
नेपाल सीमा से सटे टाटरगंज गांव में हुए समारोह में मौजूद लोग स्रोत : ग्रामीण