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लॉकडाउन के बाद 10 फीसदी तक मालभाड़ा बढ़ा, आगे भी इतनी ही बढ़ोत्तरी की तैयारी

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पीलीभीत। कोविड-19 महामारी के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अभूतपूर्व वृद्धि कर दी। इससे माल भाड़ा में बढ़ोतरी होना तय है। ट्रांसपोर्टर और कारोबारियों का कहना है कि इतने कम दिनों में डीजल के दाम में वृद्धि कभी नहीं हुई। इससे माल भाड़ा बढ़ेगा। सब्जी, दवा, फूड प्रोडक्ट, स्टेशनरी, कपड़ा समेत घरेलू इस्तेमाल में आने वाली सभी चीजों की कीमतें बढ़ेंगी। पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतें महंगाई बढ़ाएंगी।
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लॉकडाउन के बाद डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने भी दस फीसदी तक माल भाड़ा बढ़ाया था। अब जबकि डीजल के दामों में फिर लगातार बढ़ोतरी हो रही है तो माल ढुुलाई भाड़े में भी बढ़ोतरी तय है। लंबी दूरी के रास्तों में तो फिलहाल दस फीसदी तक की ही बढ़ोत्तरी की गई है, मगर छोटी दूरी के माल भाड़े में बढ़ोतरी इससे भी ज्यादा हुई है। ट्रांसपोर्टर और कारोबारियों का कहना है कि यदि डीजल के दाम नियंत्रित नहीं किए तो माल भाड़े में दस फीसदी की और बढ़ोत्तरी होना तय है। डीजल के दामों में बढ़ोतरी का असर केवल माल भाड़े तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह किचन से होते हुए स्टेशनरी, कपड़ा, पैक्ड फूड प्रोडक्ट और दवा आदि पर भी असर दिखाएगा। कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन में व्यापार की कमर पहले ही टूट चुकी है, अब सरकार डीजल के दाम बढ़ाकर कारोबार चौपट करने पर तुली है। सरकार को डीजल के दाम जल्द नियंत्रित करने चाहिए।
बोले कारोबारी
डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए सरकार को ठोस रणनीति बनाए, नहीं तो इसका खामियाजा कारोबारियों के साथ जनता को भी उठाना पड़ेगा। - अंकित अग्रवाल, ट्रांसपोर्टर
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वस्तु के मूल्य निर्धारण में मालभाड़े का अहम योगदान है। डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी का असर मालभाड़े पर भी पड़ेगा। सरकार को जल्द ही कदम उठाने होंगे, वरना महंगाई कहीं का नहीं छोड़ेगी। - मुकेश कुमार, ट्रांसपोर्टर
देश में कोरोना महामारी से हर व्यक्ति परेशान है। अब डीजल के दाम बढ़ोत्तरी से हर किसी को मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। बाजार अभी भी पटरी पर नहीं आ सका है। - देवेश बंसल, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी का असर हर वर्ग पर पड़ेगा। जरूरत की चीजों का मंहगा होना लाजिमी है। यही हाल रहा तो महामारी में आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा। देशहित में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटाने चाहिए। -विकास शुक्ला, निरंजनकुंज कॉलोनी
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