पीलीभीत/माधोटांडा। भारत-नेपाल सीमा के नोमेंस लैंड एरिया में लगातार अतिक्रमण भविष्य में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा सकता है। पिछले चार माह में नोमेंस लैंड वाले एरिया में नेपाली नागरिक लगातार अतिक्रमण करके नोमेंस लैंड का वजूद मिटाते आ रहे हैं। भारतीय सीमा क्षेत्र में नेपाल की ओर से कई बार सड़क निर्माण का भी प्रयास हो चुका है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण रुकवा दिया। मगर, इससे आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ सकता है। दूसरी ओर एक दिन पहले नेपाल की ओर से सड़क निर्माण रुकवाने के बाद जिला प्रशासन ने एसएसबी के हवाले से दावा किया कि नोमेंस लैंड पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं है।
भारत-नेपाल सीमा पर पिछले कुछ समय से विवाद नेपाल की सरकार द्वारा उत्पन्न किया जा रहा है। दोनों देशों के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के किसी न किसी इलाके में नेपाली नागरिक कुछ ऐसी गतिविधियां करते आ रहे हैं, जो दोनों देशों के सौहाद्रपूर्ण रिश्तों के लिहाज से ठीक नहीं है। नेपाली नागरिक सीमा क्षेत्र के पिलर 20 से लेकर 21 तक नेपाल की एपीएफ और एसएसबी के जवान अपनी पेट्रोलिंग का प्रमाण देने के लिए अक्सर यहां खड़े होकर अपने फोटो खिंचवाते हैं। दोनों पिलर के बीच तीन दिन पहले नेपाली नागरिकों ने भारतीय सीमा क्षेत्र के नोमेंस लैंड पर आरबीएम और मेटेरियल डालकर सड़क निर्माण शुरू किया था। उससे सीमा पर तैनात एसएसबी हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण प्रशासन की मदद से रुकवाया था। सीमावर्ती बाशिंदों के अनुसार नेपाली नागरिक अब भी भारतीय सीमा में अतिक्रमण करने के लिए प्रयासरत हैं, मगर एसएसबी की सतर्कता से उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। बीते दिनों पिलर नंबर 17 पर नेपाली नोमेंस लैंड के क्षेत्र का वजूद मिटाने की कोशिश हुई थी। स्थानीय बाशिंदों के अनुसार नोमेंस लैंड के ऊंचे भाग को जेसीबी की मदद से खुदाई कर नेपाल नागरिकों ने अपने खेतों में मिला लिया, जबकि यहां से दोनों देशों के जवान पेट्रोलिंग के लिए गुजरते हैं। इसकी भनक एसएसबी को लगी तो उन्होंने यह जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई। पिछले दिनों कमिश्रर रणवीर प्रसाद ने भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पिलर 17 पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था।
इधर रविवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंबोजनगर के समीप पिलर 38 के पास भी नोमेंस लैंड पर सड़क बनाने की सूचना मिली तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी जयप्रकाश ने एसएसबी के अधिकारियों के साथ सीमा पर पहुंचकर सड़क निर्माण रुकवा। आए दिन होने वाला अतिक्रमण और निर्माण सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा सकता है।
भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल के अधिकारियों से वार्ता के बाद निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। अब जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। एसएसबी के अधिकारियों के मुताबिक नोमेंस लैंड पर कोई अतिक्रमण नहीं है। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम