भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जंगल की सुरक्षा के लिए दोनों देशों के वन अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सीमा क्षेत्र में संयुक्त गश्त करने एवं सूचनाओं को साझा करने पर सहमति बनी।
शहर के एक होटल में पूर्वान्ह 11 बजे से हुई बैठक में दोनों देशों के वन अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों एवं उन पर नियंत्रण के उपायों पर चर्चा की। अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों की सीमा खुली होने के कारण अपराधी घटना को अंजाम देकर आसानी से दूसरे क्षेत्र में पहुंचकर बच जाते हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र में विशेष चौकसी की जरूरत है। दोनों देशों के अधिकारियों ने इसमें आने वाली दिक्कतों और उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा की। बैठक में तय किया गया कि सीमा क्षेत्र में दोनों देशों के वनकर्मियों द्वारा संयुक्त गश्त कराई जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर एक दूसरे को अवगत कराया जाए ताकि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। बैठक में नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी के चीफ कंजर्वेेटर वेद कुमार ढकाल, नेशनल टॉक्स फॉर नेचर कंजर्वेशन के हेड अनिल परसाई, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीओ डीपी सिंह, रेंजर अनिल शाह, केपी सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार, जीशू चक्रवती, राहुल कुमार सहित कई अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।