रमजान शरीफ के आखिरी जुमे को जिले भर की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। नमाज के लिए लाखों सिर खुदा की बारगाह में झुके। इस दौरान मस्जिदों में तकरीरें हुईं। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने मगफिरत और मुल्क में अमन चैन की दुआ की। शांति और सुरक्षा के लिहाज से शहर की हर मस्जिद पर पुलिस बल तैनात रहा।
शहर की शाही जामा मस्जिद समेत तमाम मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेशे इमाम मौलाना इजहार अहमद खां बरकाती ने नमाज अदा करवाई। उमरा से लौटे राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद ने खुतवा पढ़ा। पेशे इमाम ने नमाज से पहले रमजान शरीफ और कुरआन पाक की फजीलत बयान की। रोजा रखने वालों व कुरआन की तिलावत करने वालों पर नाजिल होने वाली खुदा की रहमतों का जिक्र करते हुए कहा कि कोई बिना वजह इन रहमतों से महरूम न रहे। उन्होंने जकात व फितरा के मसायल पर भी तफ्सील से रोशनी डाली।
उधर, मस्जिद शाहजी मोहम्मद शेर मियां में हाफिज अब्दुल हफीज मियां शेरी, मस्जिद पुलिया वाली में हाफिज फुरकान शम्सी, हिदायत रसूल में कारी अमानत रसूल, दरबार अल्लाहू मियां में मौलाना हसन मियां कदीरी, मस्जिस जामिया सूफी अनवर अली में मौलाना खतीब अहमद, मस्जिद गौसिया में हाफिज मोहम्मद इस्लाम, मस्जिद ऊंची बरेली गेट में हाफिज मेराज, नूरी पंजाबियान में हाफिज मोहम्मद अहमद, कुरैशियान में हाफिज अमानुल्ला, छीपियान में हाफिज रईस, पाकड़ वाली मस्जिद में हाफिज सैय्यद मखदूम, मस्जिद हशमती में मुफ्ती मासूम रजा खां किबला, मस्जिद डालचंद में सैय्यद मखदूम मियां, मस्जिद कचहरी में हाफिज हाजी इसरार अहमद अशरफी ने अलविदा की नमाज अदा करवाई। इसके अलावा मस्जिद मौला बख्श खुदागंज, अलाउद्दीन फीलखाना, गौसिया फीलखाना, मस्जिद सरफराज खां, हैदरी, नंबरदार, मोहद्दिस सूरती, शामीर खां व स्टेशन स्थित मुसाफिर खाना की मस्जिदों में भी अलविदा की नमाज अदा की गई। इस दौरान शाही जामा मस्जिद के बाहर मेला भी लगा। जिसमें लोगों ने जमकर खरीदारी की।
पूरनपुर। नगर की जामा मस्जिद में हाफिज मोहम्मद सलीम खां ने, रजा मस्जिद में हाफिज मोहम्मद जकी खां नूरी, गुलजारे फरीद मस्जिद में हाफिज कमर महबूब, रजवी मस्जिद में हाफिज उसमान नूरी, साबरी मस्जिद में हाजी हाफिज जाकिर खां नूरी, गुलस्ताने रजा नूरी में हाफिज अशफाक ताबिश कादरी, रेहानी मस्जिद में सूफी शराफत हुसैन, गरीब नवाज में हाफिज नाजिम रजा, मुस्तफा रजा में मौलाना शेर मोहम्मद मिस्वाही, कुरैशियान में हाफिज लईक नूरी, सिद्दीके अकबर में मौलाना जावेद रजा खां, अलखजरा में हाजी रियाज खां, गौसिया मस्जिद में हाफिज रिजवान ने अलविदा की नमाज पढ़ाई। रजा मस्जिद में मौलाना फजले अहमद नूरी ने तकरीर करते हुए रमजान माह के महत्व पर प्रकाश डाला। अलविदा की नमाज को लेकर नगर में सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए थे। एडीएम, एएसपी भी नगर में ही कैंप करे रहे। इसके अलावा माधोटांडा, शेरपुरकलां, भगवंतापुर, घुंघचाई, कसगंजा आदि स्थानों पर अलविदा की नमाज पढ़ी गई।
बीसलपुर। नगर की सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। एक मीनार मस्जिद व जामा मस्जिद में संख्या काफी ज्यादा होने के कारण तमाम नमाजियों को मस्जिदों के सामने अदा करनी पड़ी। बिलसंडा, चुर्रासकतपुर, मीरपुर वाहनपुर, महादेवा, शायर, रिछोला सबल, रढ़ैता, टिकरी, रोहनिया, चंदपुरा, चठिया सेवाराम, नवदिया सितारगंज, नौगवां अंबर, ईंटा रोड़ा, बिलासपुर, पहाडग़ंज और सिसैया साहब आदि स्थानों पर भी अलविदा की नमाज अदा की गई। सुरक्षा के लिहाज से सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था।
दियोरिया। कस्बे के अलावा सुजनी, टेहरी और गंझाड़ी गांवों में भी अलविदा की नमाज अदा की गई।
बरखेड़ा। कस्बे की जामा मस्जिद, नूरी मस्जिद, कादरी मस्जिद में अलविदा की नमाज अदा की गई। इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम पौटाकलां, बिक्रमपुर, अमखेड़ा, जारकल्लिया, ललौर गुजरानपुर, पंडरी खमरिया, खखूमा, अधकटा, पृथ्वीपुर, नरायनठेर, गाजीपुर मुगल व खमरिया पंडरी में भी अलविदा की नमाज अदा की गई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात रहा। नायब तहसीलदार एमआर थारू और एसओ ओमहरि वाजपेई भ्रमण करते रहे।