बरखेड़ा चीनी मिल से दी गई चीनी किसानों के लिए मुसीबत बन गई। ट्रक में लादकर चीनी बेचने के लिए बरेली जा रहे किसानों को सेल्स टैक्स टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद ट्रक को कब्जे में लेकर भुता थाने में खड़ा करा दिया, जबकि उसका टैक्स अदा किया जा चुका था। दूसरे दिन भी टालमटोल होने पर किसानों ने हंगामा किया तब जाकर अफसरों ने जांच कर चीनी लदा ट्रक रिलीज करने के निर्देश दिए।
सोमवार सुबह बल्लभ नगर कालोनी स्थित सेल्स टैक्स अधिकारी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे दर्जनों किसानों ने बताया कि दो दिन पहले उनको गन्ने के पेमेंट के बदले बरखेड़ा बजाज चीनी मिल से चीनी दी गई थी। क्षेत्र के 50 किसान मिल से मिली 160 क्विंटल चीनी को ट्रक में लादकर बेचने के लिए बरेली ले जा रहे थे। उसे भुता के पास सेल्स टैक्स टीम ने पकड़ लिया और ट्रक कब्जे में लेकर भुता (बरेली) थाने में खड़ा करा दिया। किसानों का आरोप है कि चीनी का टैक्स अदा होने के बाद भी सेल्स टैक्स टीम के सदस्यों ने कोई सुनवाई नहीं की। लगातार जांच के नाम पर चक्कर लगवाते रहे। सोमवार सुबह मामले का निपटारा न होने पर किसान दोबारा जमा हुए और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर सुनगढ़ी पुलिस व विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। काफी देर जांच होती रही। बाद में किसानों के पास मिले कागजात देख कब्जे में लिए गए ट्रक को छोड़ दिया गया। सेल्स टैक्स के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में सुरेश, हरीश कुमार, राजेश सिंह, कमलेश कुमार, पातीराम, राजपाल, देवदत्य, बाबूराम, रामचरनलाल, मदनलाल, महेंद्रपाल, विकास कुमार, लीलावती, जगदीश प्रसाद शामिल थे।