तीन माह से वेतन न मिलने से क्षुब्ध जिले भर की एएनएम ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। नाराज एएनएम ने सीएमओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उनका स्थानांतरण कराने की मांग की।
मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले भर की एएनएम (महिला स्वास्थ्यकर्मियों) ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान कई एएनएम ने सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने कहा कि कर्मचारियों का निरंतर शोषण किया जा रहा है। कुछ कार्यालयों की उपस्थिति पंजिका सीएमओ ने अपने कार्यालय में रखी है। इससे कर्मचारियों को पांच-पांच किमी की दूरी तय कर सुबह हाजिरी व शाम को मूवमेंट रजिस्टर में अंकित करने आना पड़ता है। कहाकि जिले भर की एएनएम को दिसंबर से वेतन का भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते इन सभी को होली पर भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। कहा कि समझौता वार्ता में शासन की ओर से किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न न करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सीएमओ द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि जब तक सीएमओ का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक उनसे कोई वार्ता नहीं की जाएगी। मात्र डीएम से ही वार्ता की जाएगी। धरना देने वालों में अध्यक्ष शैल कुमारी, जिलामंत्री आशादेवी, कर्मचारी संघ के जिलामंत्री सतीश कुमार, अशोक कुमार, सदाकतउल्ला खां, अजयपाल शर्मा, करम सिंह चौहान, अनिल कांत मिश्रा, मुन्नालाल, नीरज सक्सेना, रानी गुप्ता, पार्वती, लक्ष्मी, कृष्णा, जयश्री, सावित्री, सुषमा, सरोज, मीरा, मंजू, नीता, सुनीता आदि एएनएम व विभिन्न संगठनों के कर्मचारी नेता शामिल रहे।