वीआईपी ड्यूटी का खौफ इतना रहता है कि मंगलवार को एक राज्यमंत्री की स्कॉट गाड़ी में सवार पुलिस वालों ने रास्ते में पड़े एक दुर्घटनाग्रस्त सिपाही किनारे कर आगे बढ़ गए। काफिले में कोई एक ऐसा न रहा, जो उसे भर्ती करा सकता या कहीं सूचित कर देता।
दूसरों के प्रति खाकी की संवेदनहीनता तो अक्सर देखने व सुनने को मिलती है, लेकिन अपनों के प्रति संवेदनहीनता भी सोमवार की देर रात को देखने को मिली। सिपाहियों के फेरबदल में थाना हजारा में तैनात सिपाही मानपाल का तबादला थाना न्यूरिया हुआ था। सोमवार की देर सायं वह बाइक से थाना न्यूरिया जा रहा था। टनकपुर हाइवे पर कचहरी के पास अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। जिससे वह घायल हो गया। इसी बीच निकले जिले के एक राज्यमंत्री के काफिले की स्कॉट के चालक की नजर हाइवे पर पड़े सिपाही मानपाल पर पड़ी। स्कॉट से उतरे सिपाहियों ने उसे अस्पताल ले जाने के स्थान पर हाइवे के किनारे कर दिया और आगे बढ़ गए। इसी बीच सुनगढ़ी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने उसे लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के बाद देर रात उसे छुट्टी दे दी गई।