भाकियू की पंचायत में किसानों का उत्पीड़न बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। साथ ही जिलाध्यक्ष ने सभी इकाइयां भंग कर 21 मई को नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की।
मंडी समिति के कृषक विश्राम गृह में हुई पंचायत में जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह काहलो ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। नहरों में पानी नहीं है, बिजली भी नहीं मिल रही है और गन्ना भुगतान पाने को किसान भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो भाकियू जल्द बड़ा आंदोलन करेंगी। किसानों की समस्याओं के अलावा उन्होंने संगठन इकाइयों की समीक्षा की और पदाधिकारियों की निष्क्रियता को देखते हुए सभी इकाइयां भंग कर दीं। उन्होंने कहा कि 21 मई तक सभी इकाइयों का पुनर्गठन किया जाएगा। पंचायत में वेद प्रकाश शर्मा, भजनलाल क्रोधी, मंजीत सिंह, सूरत सिंह फौजी, नागेंद्र सिंह, ओमप्रकाश राजपूत, निर्मल लाल, श्रीकृष्ण राजपूत, संतोष यादव, मुरलीधर कश्यप, बाबूराम वर्मा, कालीचरन शर्मा, जयंती देवी, वेलामती, अनिल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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मुनिराज