त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने रामबेटी दहेज हत्याकांड में सास-ससुर को दोषी पाकर जेल भेज दिया है। सजा 24 नवंबर को सुनाई जाएगी। पति घटना के समय नाबालिग था। उसका मामला किशोर बोर्ड में चल रहा है।
थाना गजरौला के गंव नवदिया कुर्रेया निवासी बाबूराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार उसकी पुत्री रामबेटी की शादी गांव पुरवाभूड़ा निवासी लालराम के पुत्र कंचनलाल से हुई थी। दहेज में एक लाख रूपये नगद की मांग को लेकर पति, ससुर, सास नत्थो देवी उर्फ पार्वती रामबेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करते थे। 19 दिसंबर 2011 की रात को पति, सास-ससुर ने रामबेटी ने जान से मारकर गले में रस्सी का फंदा डालकर छत की कड़ी से लटका दिया। पति कंचन लाल घटना के समय नाबालिग पाया गया। उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई के बाद सास-ससुर को शनिवार को दोषी ठहराया है। उन्हें जेल भेज दिया है। सजा 24 नवंबर को सुनाई जाएगी।