घोटाले में जांच के दौरान सामने आए थे नाम, अब बर्खास्तगी से फिर चर्चा में आया मामला
पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में संबद्धता के दौरान सरकारी धन के भुगतान में अनियमितता के पुराने मामले में इल्हाम ने तीन पत्नियों समेत आठ करीबियों के खातों में करोड़ों की रकम भेजी थी। जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा बर्खास्तगी के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया।
इसमें उसकी पत्नी अर्शी खातून के अलावा संभल निवासी लुबना नवी और बुलंदशहर निवासी आजरा खान के नाम भी सामने आए थे। दोनों को उसकी पत्नी बताया गया था। इसके अलावा साली फात्मा नबी, सास नाहिद बी और सलहेज आफिया खान के खातों में भी रकम भेजे जाने के आरोप लगे थे। पुलिस ने विवेचना के दौरान सभी को नामजद कर गिरफ्तार किया था। मामला सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ता गया। सरकारी धन के भुगतान में अनियमितता कर रकम को सीधे संबंधित लोगों के बजाय लिपिक के करीबियों के खातों में भेजे जाने के आरोपों की पड़ताल की गई। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। संवाद
स्पष्टीकरण देने के लिए कई मौके दिए
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कॉलेज प्रबंध समिति ने कर्मचारी को अपना पक्ष रखने और आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए कई मौके दिए। प्रबंधन के अनुसार निर्धारित अवसर मिलने के बावजूद इल्हाम शम्सी की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। 31 जुलाई को उसे अंतिम अवसर भी दिया गया, लेकिन इसके बाद भी उसने अपना पक्ष नहीं रखा।
विधिक राय के बाद लिया गया फैसला
कर्मचारी की ओर से स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने के बाद प्रबंध समिति ने एक अगस्त को बर्खास्तगी की कार्रवाई के संबंध में विधिक राय मांगी थी। बुधवार को कॉलेज को विधिक राय प्राप्त हुई। बृहस्पतिवार को प्रबंध समिति की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में विधिक राय का लिफाफा खोला गया। इसमें आरोपी कर्मचारी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया था।
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200 करोड़ की संपत्ति चिह्नित
चपरासी इल्हाम शम्सी के करीब 200 करोड़ की संपत्ति चिह्नित करने की बात सामने आ रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर भी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। जांच के बाद इसका जल्द ही खुलासा हो सकता है।
प्रबंध समिति की बैठक में कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। बर्खास्तगी आदेश शुक्रवार को पंजीकृत डाक के माध्यम से कर्मचारी के घर भेजा जाएगा। प्रबंधन की इस कार्रवाई के बाद डीआईओएस कार्यालय में संबद्धता के दौरान सरकारी धन के भुगतान में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई का एक और चरण पूरा हो गया है।
- प्रवीण, प्रधानाचार्य, जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज
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