जिस युुवक पर अपहरण का
आरोप लगाते हुए युवक और उसकी मां, बहन के खिलाफ युवती के पिता ने अपहरण की
रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसे युवती ने कोर्ट में सिरे से नकार दिया। उसने
बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह युवक के साथ स्वेच्छा से गई थी। साथ
ही वह युवक के साथ रहने की भी गुहार लगाई। इस पर युवती के बालिग होने पर
कोर्ट ने उसे युवक के साथ रहने देने के निर्देश दिए। पुलिस ने युवती की
इच्छा पर उसे उक्त युवक के घर तक सुरक्षित पहुंचा दिया।
नगर के एक
मोहल्ला निवासी एक अधेड़ ने 11 अक्तूबर को पुलिस को तहरीर देकर अपनी बेटी
के अपहरण का आरोप गांव तकिया दीनारपुर निवासी रोहित यादव, उसकी मां और बहन
पर लगाया था। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ युवती का अपहरण करने की
रिपोर्ट दर्ज की थी। युवती के बरामद होने के बाद कोतवाली में युवती
शादीशुदा युवक के साथ जाने की जिद पर अड़ गई थी। पुलिस ने डॉक्टरी जांच के
बाद उसे कोर्ट में पेश किया था।
एसएसआई हरीराम त्रिपाठी ने बताया कि
युवती ने कोर्ट में अपने अपहरण को झूठा बताया और युवक के साथ रहने की बात
कही है। युवती के बालिग होने पर कोर्ट ने उसकी इच्छा अनुसार उसे रहने की
अनुमति दी। एसएसआई ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर युवती को उक्त युवक के
घर पहुंचवा दिया गया है। इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि युवती के अपहरण
के आरोप के नकारने पर अब दर्ज रिपोर्ट को खारिज किया जाएगा।