पीलीभीत। दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जान से मारने की कोशिश में दोषी को पांच साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 1.43 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 90 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया। जबकि सास ससुर सहित छह अन्य के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर दोष मुक्त किया गया।
18 जनवरी 2023 को थाना माधोटांडा पर हसीन बानो ने तहरीर देकर बताया कि उसका विवाह थाना बरखेड़ा के ग्राम खमरिया निवासी वसीम पुत्र अकरम से वर्ष 2018 में हुआ था। शादी में बुलेट मोटर साइकिल, फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन, फर्नीचर आदि सभी जरूरी सामान दिया था। ससुराल वाले दहेज में कार और दो लाख रुपये नकद लेना चाहते थे। दहेज की मांग पूरी न होते देख पति वसीम ने पीटकर घर से निकाल दिया।उत्पीड़न के खिलाफ उसने परिवार न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। वहां से कई बार नोटिस भेजा गया, मगर कोई हाजिर नहीं हुआ। परिवार न्यायालय ने प्रकरण का एक पक्षीय निस्तारण कर दिया। तब वह अपनी मां के साथ दहेज में दिया गया सामान और कपड़े लेने ससुराल पहुंची तो पति वसीम ने उसे गला दबाकर मारने की कोशिश की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेशानंद झा ने पत्रावली का अवलोकन और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पति को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। जबकि बाकी सभी आरोपियों को बरी कर दिया।