पीलीभीत। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2, सुनील कुमार (द्वितीय) ने दहेज हत्या के एक मामले में पति को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा और अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र निवासी पिंकी का विवाह जून 2015 में सुनील के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद पति और उसके परिजन दहेज में दो लाख रुपये नकद तथा एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर पिंकी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
मुकदमे के अनुसार जुलाई 2019 में पिंकी गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में मिली। उसे पहले जिला अस्पताल और बाद में बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 5 जुलाई 2019 को उसकी मौत हो गई। उस समय वह करीब सात माह की गर्भवती भी थी। अभियोजन का आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी सुनील को दोषी पाया।
न्यायालय ने धारा 304बी में सात वर्ष के कारावास, धारा 498ए में दो वर्ष के कारावास व अर्थदंड, धारा 323 में छह माह, धारा 504 में एक वर्ष, धारा 506 में दो वर्ष व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने दोषी का सजा वारंट जारी कर उसे जिला कारागार भेजने के आदेश दिए। संवाद