ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था में तैनात सफाईकर्मी गांव में न जाकर अधिकारियों की जी हुजूरी में जुटे हैं। वर्तमान में 23 पंचायत सफाई कर्मी विभिन्न कार्यालयों और आवासों पर संबद्ध चल रहे हैं। कर्मचारियों की संबद्धता के चलते बाकी सफाई कर्मी भी काम नहीं कर रहे हैं, इससे गांव की सफाई व्यवस्था चौपट है।
पंचायतीराज विभाग की ओर से वर्ष 2008 में पंचायत सफाई कर्मियों की तैनाती की गई थी। नियुक्ति के समय से इसमें घालमेल चल रहा है। प्रारंभ में ही कुछ ने जुगाड़ लगाकर अपनी तैनाती गैर आबाद गांव में करा ली, तो कुछ विकास भवन से संबद्ध हो गए। शेष गांव में कुछ समय तक सफाई व्यवस्था ठीक ठाक रही, लेकिन अब ठाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। गांव की सफाई व्यवस्था चौपट करने में सबसे बड़ा हाथ अधिकारियों का ही है। अपने निजी एवं सरकारी कार्यों को पूरा करने के लिए इन सफाई कर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर संबद्ध कर रखा है। इसमें कुछ लिखित रूप से संबद्ध हैं, तो कुछ अनाधिकृत रूप से काम कर रहे हैं। वर्तमान में 23 सफाई कर्मी विभिन्न स्थानों पर संबद्ध चल रहे हैं। इसमें कोई डीएम आवास में है, तो कोई सीडीओ का चालक है, कोई डीपीआरओ के आवास पर खाना बना रहा है, तो कोई उनकी गाड़ी चला रहा है। इतना ही नहीं कई अपना योग्यता के बल पर कार्यालयों में कंप्यूटर आपरेटर एवं बाबूगिरी का काम भी कर रहा है।
क्रम कर्मचारी संबद्धता
1. डालचंद्र डीएम आवास
2. अरविंद डीएम आवास
3. रामपाल डीएम आवास
4. राजेश सीडीओ चालक
5. ओमप्रकाश सीडीओ कार्यालय
6. शंकर डीपीआरओ का कुक
7. ओमप्रकाश डीपीआरओ का चालक
8. रमेश डीपीआरओ आवास
9. सुरेंद्र डीपीआरओ कार्यालय
10. वली मोहम्मद डीपीआरओ कार्यालय
11. प्रदीप डीआरडीए
12. सतीश डीआरडीए
13. राजेश डीएसटीओ कार्यालय
14. भगवत एडीएम कार्यालय
15. जानकी एडीएम कार्यालय
16. जितेंद्र एडीएम कार्यालय
17. धनवंत चालक नजारत प्रभारी
18. जहीरूद्दीन विनियमित क्षेत्र
19. धीरज एनआईसी
20. रामसिंह एनआईसी
21. देवी सिंह पंचायत उद्योग
22. कमलापति पंचायत उद्योग
23. सुखदेव पंचस्थानि कार्यालय
पंचायत सफाई कर्मियों की संबद्धता समाप्त कर गांव में भेजा जा रहा है। कुछ की संबद्धता समाप्त भी कर दी गई है।
- देवेंद्र कुमार, डीपीआरओ