पीलीभीत। मई के आखिरी हफ्ते में तीन दिन तक बेशुमार गर्मी पड़ेगी। बीते दो दिनों से तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने के बाद मंगलवार और बुधवार को 45 से 46 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर तक जा सकता है। बस राहत की बात सिर्फ यह है कि दोनों दिन हल्की मध्यम गति की हवा चलेगी, इससे गर्मी का कुछ हद तक प्रभाव कम दिखेगा।
सोमवार को सुबह से ही चटक धूप निकलते ही भीषण गर्मी शुरू हो गई। सुबह इसी सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री और अधिकतम 42.0 डिग्री सेल्सियस पर था। दोपहर में अधिकतम तापमान 43.0 से 45.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में हालांकि 25 से 29 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इससे गर्मी उस हद तक महसूस नहीं हुई, जितनी इतने तापमान में बिना हवा परेशान कर सकती थी। हालांकि शाम को तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को कुछ हद तक गर्मी से राहत मिली।
मंगलवार को हालात इससे भी खराब हो सकते हैं क्योंकि दिन का तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर 46.0 डिग्री तक जाने का अनुमान है। दिन में मौसम साफ रहेगा, जबकि शाम को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। हवा की रफ्तार 18 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। 27 मई को भी दिन का तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक रहने का अनुमान है। 28 मई को दिन के तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इस दिन आंशिक रूप से बादल भी छाए रहेंगे। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के अनुसार 29 मई से मौसम में अचानक बदलाव आएगा। भूमध्य सागर में पश्चिम विक्षोभ उठने से दिन में बादल छाए रहेंगे। 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की मध्यम बारिश भी होगी। 30 मई को तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मगर, 31 मई को आसमान साफ रहेगा। आंशिक बादल रहने के साथ ही दिन में धूप निकलेगी। तापमान में 7.0 से 8.0 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
लॉकडाउन-4 में एयर इंडेक्स 150 के पार
समाधान विकास समिति विपनेट क्लब के समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा का कहना है कि लॉकडाउन में वायु गुणवत्ता सूचकांक अपने निम्नतम स्तर 50 से 70 तक रहा। मगर, लॉकडाउन खुलने के बाद फैक्ट्री भी खुल गईं। सड़कों पर वाहन भी चलने लगे हैं। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 तक पहुंच गया है इसी के चलते गर्मी का प्रकोप बढ़ा है। आगामी दो से तीन तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 180 या इससे ऊपर पहुंच सकता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से 80 तक बेहद अच्छा माना जाता है। 100 से नीचे वायु गुणवत्ता सूचकांक सामान्य होता है। लक्ष्मीकांत शर्मा का कहना है कि वायु प्रदूषण के लिए मानवीय गतिवधियां, फैक्ट्री और वाहनों से निकला धुआं ही जिम्मेदार है।