पीलीभीत। भीषण गर्मी में अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल पीलीभीत जंक्शन पर इन दिनों यात्रियों के प्यास बुझाने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जो वाटर कूलर व आरओ ठंडे पानी की व्यवस्था के लिए लगाए गए, उनसे गर्म पानी निकल रहा है। आरओ संचालित न होने की वजह से ठंडा पानी नहीं आ रहा है। इससे यात्रियों की प्यास नहीं बुझ रही है। शौचालय के बाहर तक गंदगी व दुर्गंध फैली हुई है। भीषण गर्मी में ठंडी हवा के लिए कूलर तक की व्यवस्था नहीं। ऐसे में स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को अवस्थाओं से परेशान होना पड़ रहा है।
लगभग दो वर्ष पहले पीलीभीत रेलवे स्टेशन (जंक्शन) केंद्र सरकार से अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया। जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये मिले। उस वक्त रेलवे स्टेशन की सूरत बदलने का दावा किया गया। यात्रियों के लिए मॉडर्न टॉयलेट, जलापूर्ति के लिए बेहतर व्यवस्थाएं, रिफ्रेशमेंट रूम का विस्तार आदि की योजना शामिल की गई, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद अभी भी आधी भी योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं। सोमवार को भीषण गर्मी को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर की पड़ताल में तमाम अव्यवस्थाएं सामने आईं। तमाम लोग प्यास बुझाने के लिए ठंडे पानी के वाटर कूलर से गर्म पानी भरते देखे गए। पूछने व परखने पर पेयजल गर्म मिला।
लगभग 300-400 यात्री अपने गंतव्य के लिए ट्रेन का इंतजार करते दिखे। भीषण गर्मी से राहत के लिए परिसर के किसी कोने में कूलर की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। 10-15 फुट ऊंचे लगे सीलिंग फैन की हवा के सहारे यात्री जमीन पर बैठे समय बिताते दिखे।
शौचालय के बहार तक गंदगी, यात्री जाए कैसे
देखा जाए तो सरकारी दफ्तर परिसर में शौचालय सीमित व उसके उपयोग करने वाले अधिक होते हैं। उसमें गंदगी, बदबू रहना आम बात है, लेकिन सोमवार को रेलवे स्टेशन के शौचालय गेट तक गंदगी का आलम देखा गया। जिसमें बाहर गंदगी फैली थी, ऐसे में बाहर ही गंध के चलते कोई यात्री अंदर जाने की जहमत नही उठा पा रहे थे। शिकायत किससे कहें कोई सुनने वाला नहीं है। संवाद
यात्रियों ने गिनाईं कमियां
- व्यवस्था तो कोई खास है नहीं, पानी तक गर्म आ रहा है। लेकिन प्यास तो बुझानी ही है। रेलवे इतना किराया वसूलता है तो सुविधाएं देनी चाहिए।
- विवेक
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हाथ टूट गया था। पूरनपुर से जिला अस्पताल आया था। अगर कोई परेशान है तो रेलवे स्टेशन पर कौन ही पूछेगा। शौचालय तक नहीं जा पाया, गंदगी बहुत है।
- सुरेश
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स्टेशन पर गर्मी ज्यादा लग रही है, पंखे की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इतनी ऊंचाई से हवा कहां आने वाली, पानी भी टंकी से गर्म आ रहा है।
- रामदेवी
वाटर कूलर में गर्म पानी ठंडे पानी में बदलने में थोड़ा टाइम लगता है। गर्म पानी क्यों आ रहा दिखवाया जाएगा। शौचालय पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना ही प्राथमिकता है।
- देवेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक
रेलवे स्टेशन पर जमीन पर लेटे यात्री। संवाद
रेलवे स्टेशन पर जमीन पर लेटे यात्री। संवाद
रेलवे स्टेशन पर जमीन पर लेटे यात्री। संवाद
रेलवे स्टेशन पर जमीन पर लेटे यात्री। संवाद