पीलीभीत। गर्मी व बढ़ती उमस ने बच्चों की सेहत पर तेजी से प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। ऐसे में अभिभावकों की लापरवाही भी सामने आ रही है। रोटा वायरस की चपेट में आ रहे बच्चों में पानी की कमी से डायरिया बढ़ रहा है। रविवार को आधे दिवस की ओपीडी में 15-20 बच्चे भीषण गर्मी से डिहाइड्रेशन से पीड़ित देखे गए। वहीं, 27 नौनिहाल भर्ती कराए गए हैं।
सोमवार की सुबह से ही बाल रोगियों की जिला महिला अस्पताल के बाल रोग कक्ष के बाहर कतार लग गई। आधे दिवस की ओपीडी के बावजूद लगभग 150 बच्चों को परामर्श मिला। इनमें 30 प्रतिशत से अधिक बच्चे गर्मी में तेजी से सक्रिय होते रोटा वायरस की चपेट से पीड़ित दिखे। विभागाध्यक्ष सहित अन्य चिकित्सकों ने बाल रोगियों के परामर्श लेने के साथ अभिभावकों को विशेष सलाह दी।
विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित सचान ने बताया कि गर्मी में रोटा वायरस सक्रिय हो जाता है, ऐसे में बच्चों की साफ-सफाई व खानपान पर विशेष एहतियात रखनी पड़ती है। बच्चे का बोतल दूध नहीं बदलने, बिना उबला पानी पिलाने, हल्का भोजन नहीं देने व ग्लूकोज, ओआरएस की सही मात्रा नहीं मिलने पर बच्चों में दिक्कतें बढ़ जाती हैं। चिकित्सकों ने बच्चों को दवाएं देने के साथ अभिभावकों से विशेष एहतियात बरतने की अपील की।
पीकू व जनरल वार्ड में 27 बच्चे भर्ती, आठ डायरिया से पीड़ित
इन दिनों बच्चों की सेहत पर तेजी से बढ़ते मौसमी प्रभाव ने भर्ती वार्डों की संख्या में इजाफा कर दिया है। वर्तमान में एमसीएच विंग में लगभग 27 बच्चे वायरल बुखार, सांस लेने में दिक्कत, डिहाईड्रेशन के भर्ती है। इनमें से 8 बच्चे डायरिया से पीड़ित भर्ती हैं। संवाद
गर्मी में बच्चों पर बरतने वाली विशेष सावधानियां
- दिन में ग्लूकोज, ओआरएस का 1 लीटर सेवन दिनभर में कराएं।
- दिन के खाने में दही, मटठा, दाल-चावल, हलवा आदि दें।
- बच्चे के दिन में 5-6 बार हाथ पैर धोएं व कपड़ों को नियमित बदलें।
- दिन में धूप में ले जाने से परहेज करें।
- घर के अंदर का वातावरण ठंडा रखें।