पीलीभीत। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे तरणतालों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी उप जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। निर्देश है कि अपने-अपने क्षेत्र में संचालित तरणतालों की सूची बनाकर भेजें।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही अस्थायी रूप से तरणताल बनाकर पानी का दोहन कर कमाई शुरू कर दी जाती है। बिना किसी अनुमति के ही इनका संचालन कर रोजाना हजारों लीटर पानी को बर्बाद किया जाता है। इससे राजस्व की चोरी भी होती है। मामले में डीएम से शिकायत होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने इस व्यवसाय पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में संचालित तरणतालों की जानकारी करें और रिपोर्ट भेजें। इसमें यह भी देखें कि संचालन को लेकर अनुमति है या नहीं। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा। बता दें कि स्विमिंग पुल संचालन के लिए जिला स्तर पर गठित कमेटी से अनुमति लेना अनिवार्य है।
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सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी की शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप और राहुल कुमार कौशल ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा है कि जिले में इस समय काफी संख्या में तरणताल संचालित हो रहे हैं। जहां पर रोजाना लाखों लीटर पानी बहाया जा रहा है। यह तब है जब सरकार और प्रशासन भूगर्भ जल संचय के लिए पानी के सरंक्षण के लिए प्रयासरत है। इन लोगों का कहना है कि जिले में कई ऐले पुल भी संचालित हैं जहां नहाने वाले व्यक्ति से काफी राशि ली जाती है। बावजूद इसके संचालक इसके बदले सरकार को कोई समन शुल्क या अन्य कोई धनराशि नहीं देते।
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