मतदाताओं के करीबी होने का एहसास दिलाने के लिए नेता कोई कसर नहीं छोड़
रहे। ऐसे में होली का त्योहार उनके लिए मुफीद साबित हो रहा है। होली के
बहाने वे मतदाताओं से सीधे संपर्क का मौका करने की जुगत में लगे हैं।
त्रिस्तरीय
पंचायत चुनाव में भले ही अभी वक्त हो लेकिन चुनाव लड़ने वाले इसकी
तैयारियों में जुट गए हैं और नए नए बहाने बनाकर लोगों के बीच पहुंचने के
प्रयास कर रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर का चुनाव लड़ने वाले नेता जहां होली
पर घर घर मतदाताओं से मिलने की योजना बना रहे हैं।
वहीं क्षेत्र पंचायत व
जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की हरसत रखने वाले नेता अपने क्षेत्रों में
होने वाले होली मिलन समारोह की सूचनाएं जुटा रहे हैं। कई तो बैक डोर से इन
समारोह का स्वयं आयोजन भी करा रहे हैं। होली बहाने नेताजी वोट मांगने का
मौका नहीं छोड़ने वाले इसलिए उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से मिलने के लिए
रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
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हाईटेक तरीके भी अपना रहे नेता
अपनी
बात लोगों तक पहुंचाने कासबसे सस्ता और सीधा माध्यम मोबाइल बन गया है।
मोबाइल युग का प्रयोग नेता बखूबी कर रहे हैं। नेता चुनाव को देखते हुए अभी
से होली की शुभकामना वाला मैसेज भेजकर अपने आत्मीयता का परिचय दे रहे हैं।
वहीं कुछ बड़े नेता वॉट्सअप के माध्यम से अपनी बात पहुंचा रहे हैं।