इस तहसील क्षेत्र में रंग गुलाल की होली के साथ-साथ चौपाई निकालने की भी विशेष परंपरा है। चौपई का गमी वाले घरों में बेसव्री से प्रतीक्षा की जाती है। यहां चौपई घरों की गमी दूर करती हैं।
इस तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों और नगर के कुछ मोहल्लों में चौपई टीमें हैं। इन टीमों में 15 से 20 कलाकार हैं। ये टीमें होली पर गमी वाले घरों में जाती हैं। वहां पर टीमों के कलाकार अपनी कला का प्रर्दशन करते हैं। इन टीमों के कलाकार प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण अंदाज में नृत्य करते हैं और लोकगीत गाते हैं।
सभी कलाकार प्रदर्शन के दौरान नए कपड़े पहनते हैं और हाथों में मोरछला पकडे़ हुए होेते हैं। कलाकार ढोलक, चिमटा और मंजीरा आदि वाद्य यंत्र बजाते हैं। घरों के लोग कलाकारों को मिष्ठान आदि खिलाते हैं। इसी के साथ इन घरों की गमी खत्म हो जाती है। उसके बाद इन घरों के चूल्हों पर कढाईयां चढ़ती हैं और पकवान बनने शुरू हो जाते हैं।
गमी वाले घरों के लोग इन चौपई टीमों का होली के समय बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं।