फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: हिंदी साहित्य और सिनेमा एक-दूसरे के बिना अधूरे

Tue, 05 May 2026 12:20 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। उपाधि महाविद्यालय के सभागार में हिंदी विभाग की ओर से सोमवार को ‘हिंदी साहित्य एवं सिनेमा’ विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. प्रणव शास्त्री ने विषय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते समय में साहित्य और सिनेमा के संबंध को समझना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत विसारिया का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य और सिनेमा की एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। उन्होंने साहित्यिक कृतियों पर आधारित फिल्मों का उल्लेख करते हुए तीसरी कसम (मारे गए गुलफाम), प्यासा, गोदान, चित्रलेखा, सद्गति, ‘12 वीं फेल जैसी फिल्मों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि हिंदी कहानियों और उपन्यासों पर आधारित फिल्में सिनेमा जगत में मील का पत्थर साबित हुई हैं और साहित्य को आम जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संचालन हिंदी विभाग के डॉ. दिवाकर सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. दुष्यंत कुमार, प्रो. विनय कुमार गर्ग, प्रो. प्रणव शास्त्री, प्रो. मदन कुमार वर्मा, डॉ. अमित सक्सेना, डॉ. राखी मिश्रा, डॉ. अनुपम पांडे, डॉ. जितेंद्र नाथ आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें