जितेंद्र अवस्थी
पीलीभीत। आंकड़े आपको चौंका सकते हैं। अप्रैल में जिले में 37 सड़क हादसों में 19 लोगों की मौत हुई। मई में 20 तारीख तक 20 लोगों की जान जा चुकी है। घायलों की संख्या 30 से अधिक है। कई घायल अभी अस्पताल में हैं। पिछले दो महीने में बेतहाशा बढ़े सड़क हादसों के आंकड़ों की सबसे बड़ी वजह वाहनों की तेज रफ्तार है। हेलमेट की अनदेखी और वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारी भी हादसों का कारण बन रहा है। यातायात नियमों की अनदेखी कर वाहन चालक खुद की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। हेलमेट को टांगकर चलने का नजारा अब भी दिखता है। परिवहन और पुलिस के जागरूकता अभियान का कुछ खास असर नजर नहीं आ रहा है। संवाद
अप्रैल में 37 हादसे, 29 की वजह वाहनों की तेज रफ्तार
अप्रैल में सबसे अधिक 29 हादसे वाहनों की तेज रफ्तार के चलते हुए। इस माह में 37 हादसे हुए थे। हेलमेट और क्षमता से अधिक सवारी भी इसका कारण बने। वहीं दो मई को पूरनपुर क्षेत्र में हुए हादसे की वजह भी वाहनों की तेज रफ्तार बनी थी। इसमें तीन की जान गई थी। तीन मई को बरखेड़ा क्षेत्र में हुए हादसे का कारण भी तेज रफ्तार ही था। इस हादसे में पति-पत्नी और साले की मौत हुई थी।
एक मिनट में बिना हेलमेट गुजरे 20 बाइक सवार
नियमों की अनदेखी का हाल यह है कि 100 में से सिर्फ 30 बाइक चालक ही हेलमेट लगाए नजर आते हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर 12:20 से 12:21 बजे तक यानी एक मिनट में शहर के गोहनिया चौराहे से 20 बाइक चालक बिना हेलमेट के गुजरे। पांच मिनट के अंतराल में यह आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया।
बाइक पर चार सवारी, हेलमेट किसी ने नहीं लगाया
दोपहर 12:13 बजे गोहनिया चौराहे से एक बाइक पर चार युवक गुजरे। किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया था। एक अन्य बाइक चालक ने भी चार लोगों काे बिठा रखा था। इसमें दो बच्चे भी शामिल थे। बाइक पर चार सवारी बैठाकर टंकी पर बैग के साथ भी एक चालक फर्रा भरता दिखा। बाइक पर बोरी और सामान लादकर ले जाने वाले कई चालक भी नजर आए।
20 दिनों में गई 20 की जान, 30 से अधिक घायल
मई में पहले दिन से 20 तारीख तक जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में 20 लोगों की जान गई। इसमें कई बड़े हादसे भी शामिल है, जिसमें तीन-तीन लोगों की जान एक साथ गई है। बुधवार की देर शहर से सटे नए बाइपास पर हुए हादसे में साले-बहनोई और एक अन्य की जान गई। सड़क हादसों में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मई में हुए यह बड़े सड़क हादसे
- तीन मई को पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर बरखेड़ा क्षेत्र में गांव मचवाखेड़ा के पास कार की चपेट में आने से बाइक सवार गांव बर्रामऊ निवासी विनोद कुमार, उनकी पत्नी राखी और साले सुनील की मौत हुई।
- दो मई की रात पूरनपुर क्षेत्र में मैगलगंज हाईवे पर गांव घाटमपुर के समीप ट्रैक्टर-ट्राॅली और कार की भिड़ंत में गांव रंपुरा फकीरे निवासी बहादुर सिंह और मासूम भाई-बहन रिषभ और सुहानी की जान चली गई।
- एक मई की रात पूरनपुर और सेहरामऊ थाना क्षेत्र में हुए हादसे में दो लोगों की जान गई थी। हादसे में जान गंवाने वाले गांव चांट फिरोजपुर निवासी ओमप्रकाश के शव को कई वाहन कुचलते निकल गए थे।
- चार मई रविवार की दोपहर 3:30 बजे शहर के असम चौराहे पर ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार मां और सात माह की बेटी की मौत हो गई। इसी दिन एक अन्य सड़क हादसे में युवक की जान गई थी।
- 18 मई को बरेली-हरिद्वार हाईवे पर तेज रफ्तार कार की चपेट में आकर अमरिया क्षेत्र के गांव निवासी पिता-पुत्री की मौत हुई थी। पत्नी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था।
तेज रफ्तार है हादसों का प्रमुख कारण : एआरटीओ
जिले में हुए सड़क हादसों की प्रमुख वजह वाहनों की तेज रफ्तार सामने आई है। बरखेड़ा क्षेत्र में हुए हादसे में तेज रफ्तार ही कारण बनी थी। इसी तरह अन्य हादसों की वजह भी वाहनों की रफ्तार रही है। हेलमेट की अनदेखी और क्षमता से अधिक सवारी भी इसका कारण है। वाहन चालकों और आमजन को जागरूक किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई भी की जा रही है। - वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ
प्राथमिकता में सड़क हादसों की रोकथाम : डीएम
सड़क हादसों की रोकथाम प्राथमिकता में है। हादसों के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे। ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य के लिए विभागीय अफसरों को निर्देशित किया जाएगा। इस संबंध में एआरटीओ से भी जानकारी ली है।- ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
शहर में नकटादाना चौराहे के आगे हैंडिल में हेलमेट टांगकर जाता बाइक चालक संवाद- फोटो : kathua news
शहर में नकटादाना चौराहे के आगे हैंडिल में हेलमेट टांगकर जाता बाइक चालक संवाद- फोटो : kathua news
शहर में नकटादाना चौराहे के आगे हैंडिल में हेलमेट टांगकर जाता बाइक चालक संवाद- फोटो : kathua news
शहर में नकटादाना चौराहे के आगे हैंडिल में हेलमेट टांगकर जाता बाइक चालक संवाद- फोटो : kathua news