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सीएमएस कैसे कराएं मकान खाली, निलंबित एचईओ की धमकी से हैं डरी-सहमी

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पीलीभीत। निलंबित एचईओ धीरेंद्र सिंह सरकारी आवास और वाहन पर कब्जा जमाने तक सीमित नहीं है। अगर कोई अधिकारी उस पर शिकंजा कसने की कोशिश करे, तो उन्हें धमकाने में भी पीछे नहीं हटते। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया ने जब तीन माह पूर्व उस पर सख्ती की तो वह उनके घर पहुंच गया और हंगामा कर दिया था। सीएमएस की मानें तो खुदकुशी करने के बाद उन्हें फंसाने की भी धमकी दे डाली थी। शायद यही वजह है कि लंबा समय बीतने के बाद न तो अब मकान से कब्जा हटवाया जा सका, न ही सरकारी वाहन।
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जिले में स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी (एचईओ) पद पर तैनात रहे धीरेंद्र सिंह का तबादला 2015 में रामपुर हुआ था। उनको जिले से रिलीव भी कर दिया गया था। 2016 में आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के चलते धीरेंद्र को निलंबित कर एडी हेल्थ मुरादाबाद कार्यालय से अटैच कर दिया था। तब से वह वहीं अटैच चल रहे हैं, लेकिन यहां जिला अस्पताल के आवास और सरकारी गाड़ी पर कब्जा जमाए हैं। आवास का न तो किराया दे रहे हैं, न बिजली का बिल जमा किया। इस तरह इन पर करीब नौ लाख रुपये बकाया हो चुका है। कई सालों बाद भी स्वास्थ्य विभाग आवास और गाड़ी कब्जा नहीं ले सका है। कोई अफसर अगर उससे आवास और गाड़ी वापस लेने का प्रयास करता है तो उसे धीरेंद्र धमकाने से भी बाज नहीं आता।
एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के निदेशक, एडी हेल्थ मुरादाबाद, कमिश्नर बरेली मंडल के आदेश के बाद भी आवास खाली नहीं कराया जा सका है। बीते दिनों जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया ने जब इस पर कार्रवाई की शुरुआत की तो धीरेंद्र ने उनको धमकाकर इतना भयभीत कर दिया कि अब वह और उनके पति दोनों ही धीरेंद्र से डरे-सहमे हैं। बुधवार को सीएमएस से आवास खाली न हो पाने की विवशता के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि करीब चार माह पूर्व धीरेंद्र को आवास खाली करने का नोटिस दिया था, तब उसने घर आकर धमकी दी कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई की गई तो वह सीएमएस को उनके पूरे परिवार समेत जेल भिजवा देगा। इसके लिए भले ही उसे आत्महत्या क्यों न करनी पड़े। सीएमएस बोलीं- जब पति ने इसका विरोध किया तो धीरेंद्र ने उनसे भी झगड़ा किया। ऐसे में उससे कैसे आवास खाली कराया जाए, यह समझ नहीं आ रहा। सीएमएस ने बताया कि वह गुरुवार को इस मामले में डीएम से मुलाकात करेंगी और उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी देकर आवास खाली कराने में मदद मांगेंगी।
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