उत्तराखंड आने-जाने वाले भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित, पीडब्ल्यूडी ने बैरिकेडिंग कर लगाई रोक
मझोला। जिले को उत्तराखंड से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मझोला–सितारगंज मार्ग पर प्रवीण नदी पुल की धंसी एप्रोच ने उत्तराखंड से होने वाले आवागमन को प्रभावित कर दिया है।
पिछले कई महीनों से पुल के एक किनारे की एप्रोच क्षतिग्रस्त थी, लेकिन पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के बाद सड़क का किनारा और अधिक धंस गया। नदी की ओर धंसते हिस्से में गहरा गड्ढा बन जाने से पुल पर भारी वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। खतरे को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मझोला की ओर से भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है और मौके पर बैरिकेडिंग करा दी गई है।
यह मार्ग जिले से उत्तराखंड के सितारगंज समेत आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। ऐसे में भारी वाहनों पर रोक लगने से उत्तराखंड की ओर आने-जाने वाले मालवाहक वाहनों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित होने लगा है। बारिश के बीच एप्रोच और अधिक धंसने की आशंका को देखते हुए विभाग ने फिलहाल सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। संवाद
समय रहते नहीं कराई मरम्मत, लोग नाराज
क्षेत्रवासियों के अनुसार, पुल की एप्रोच विगत कई महीनों से लगातार धंसकर नदी की ओर समाती जा रही थी। इसके बावजूद समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। अब लगातार बारिश होने से क्षतिग्रस्त हिस्सा और कमजोर हो गया और सड़क के किनारे गहरा गड्ढा बन गया। लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत करा दी जाती तो आज उत्तराखंड से जुड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर भारी वाहनों को रोकने की नौबत नहीं आती।
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पीडब्ल्यूडी के एई ने किया निरीक्षण
स्थिति गंभीर होने की जानकारी मिलने पर लोक निर्माण विभाग के एई अशोक यादव ने बुधवार को मौके पर पहुंचे। पुल व क्षतिग्रस्त एप्रोच का निरीक्षण किया। एई ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एप्रोच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों के आवागमन को सुरक्षित नहीं माना गया। इसके बाद मझोला की ओर से पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए बैरिकेडिंग करा दी गई।