पीलीभीत। जिले के मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसमें ब्लॉक बिलसंडा अधिक संवेदनशील हो रहा है। अब तक लगभग 600 से अधिक मलेरिया संक्रमित मरीजों के मामले सामने आए हैं, जिसमें से 530 से अधिक बिलसंडा ब्लॉक में ही दर्ज किए गए हैं। बढ़ते मलेरिया के मामलों को देखते हुए मलेरिया विभाग की टीमें सतर्क हो गईं हैं। राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय विभागीय टीमों ने भी बिलसंडा पहुंचकर मलेरिया फैलने की स्थिति परखी है।
बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष डेंगू का प्रकोप शून्य है। न्यूरिया का एक मरीज, जो की लखनऊ से आया था, उसमें ही सिर्फ डेंगू पाया गया है। वहीं जिले में इस बार मलेरिया का जबरदस्त रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। जिले में ब्लॉक स्तर पर 600 से अधिक मरीज मलेरिया से इन दिनों संक्रमित हैं, जिसमें 530 मरीज सिर्फ बिलसंडा ब्लॉक में दर्ज किए गए हैं।
जैसे ही ब्लॉक बिलसंडा में मलेरिया फैलने की पुष्टि हुई, वैसे ही राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य पैनलों ने आकर मलेरिया की स्थिति को परखा व जरूरी निर्देश जारी किए। अब सवाल यह उठता है कि तीन चरणों मेें चलाए जा रहे स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान बिलसंडा में किस स्तर पर चल रहा है।
दो दिन पहले हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बिलसंडा में फैले मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नाराजगी जाहिर की। हालांकि अब बिलसंडा में नियमित एंटी लार्वा छिड़काव, गली मोहल्लों में सफाई आदि कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। सीएचसी पर छह बेड व उचित दवाएं भी उपलब्धता करा ली गई है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि बिलसंडा में मलेरिया को लेकर सीएचसी व मलेरिया विभाग को सतर्क किया गया है, संक्रमित मरीज के क्षेत्र में दवा छिड़काव आदि कार्य कराए जा रहे हैं।