पीलीभीत जिले में वायरल बुखार के साथ डेंगू भी तेजी से पैर पसार रहा है। रविवार सुबह बरखेड़ा में पांच साल के अमित की बुखार से मौत हो गई। इससे पूर्व शहर से सटे नौगवा पकड़िया में अब तक 12 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।
शहर के अलावा जिले में विभिन्न स्थानों पर लोग बीमार हैं। जहानाबाद, बरखेड़ा और पूरनपुर क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां भी बुखार से कई मौतें हो चुकी हैं, लेकिन इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के पास आंकड़े नहीं हैं। यही वजह है कि अब सरकारी स्तर पर एलाइजा जांच की सुविधा शुरू होने के बाद विभाग ने डेंगू से सिर्फ चार लोगों की मौत की बात स्वीकारी है। इधर डेंगू के प्रकोप के चलते स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी की टीमों को सक्रिय करने के साथ ही वार्ड में बुखार पीड़ितों को भर्ती करने व एलाइजा टेस्ट कराने को कहा है।
इसी क्रम में अब बरखेड़ा क्षेत्र के गांव खजुरिया पचपेड़ा में पांच वर्षीय अमित की बुखार से मौत का मामला सामने आया है। बनवारी लाल कश्यप ने बताया कि उनका पांच वर्षीय पुत्र अमित को पांच दिन पूर्व बुखार आया। गांव में ही इलाज कराया, हालत में सुधार हुआ लेकिन दो दिन पूर्व हालत फिर बिगड़ने लगी। शुक्रवार रात पौटा गांव स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने हालत देख रेफर कर दिया। शनिवार को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां भी बाद में डॉक्टरों ने उसे किसी अन्य जगह ले जाने को कहा। इस पर परिजन अमित को घर ले आए। यहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
इधर, बुखार का प्रकोप जहानाबाद, मझोला, बरखेड़ा और पूरनपुर क्षेत्र में भी बढ़ा है। जहानाबाद के मोहल्ला बाजार कटरा निवासी मीना देवी की बुखार आने के बाद मौत हुई थी। इसके अलावा बरखेड़ा और पूरनपुर क्षेत्र में भी बुखार से कई मौतें हो चुकी हैं। हालांकि विभाग ने इन मौतों को आंकड़ों में शामिल नहीं किया है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि जिले में डेंगू और मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। विभागीय टीम प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों के नमूने ले रही हैं। बुखार पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा भी दी जा रही है।
एलाइजा टेस्ट में अब तक 100 लोगों में डेंगू की पुष्टि
अब तक स्वास्थ्य विभाग डेंगू का प्रकोप मान ही नहीं रहा था। पिछले तीन दिनों से शुरू हुए एलाइजा टेस्ट में अब तक 132 लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें 100 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इससे पहले एलाइजा जांच की सुविधा न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा था। निजी स्तर पर जांच की सुविधा थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू के मामलों को मान नहीं रहा था।
प्राइवेट लैब वाले छिपा रहे आंकड़े
डेंगू को लेकर प्राइवेट लैब वाले कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। लैब वालों ने बताया कि प्लेटलेट्स में कमी के ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक लैब संचालक ने बताया उनके यहां एनएस वन के कुछ मामले पॉजिटिव आए थे। जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है।
टीमों को सतर्क कर दिया गया है। जहां भी जानकारी मिल रही है वहां टीमें भेजकर जांच कराई जा रही है।
-आलोक कुमार, सीएमओ