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न बर्न यूनिट शुरू हो सकी न ट्रॉमा सेंटर

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पीलीभीत। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करके नए भवन बना दिए गए। मगर पिछले तीन साल में यहां न तो डॉक्टर तैनात तकए गए, और न ही कर्मचारी। खास बात यह है कि नए भवन बनने के बाद जर्जर होने लगे हैं, लेकिन उनमें मरीजों को इलाज अभी तक नहीं किया जा रहा है।
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तीन साल से बंद पड़ा है बर्न यूनिट भवन
वर्ष 2018 में जिला अस्पताल परिसर में 212.25 लाख रुपये की लागत से प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न यूनिट का निर्माण किया गया था। वर्ष 2019 में भवन का निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया गया था। मगर तीन साल बीतने के बावजूद अभी तक प्लास्टिक सर्जरी और बर्न यूनिट को चालू नहीं किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि शासन को डॉक्टरों व अन्य स्टाफ से संबंधित डिमांड भेजी जा चुकी है।
ट्रामा में बना टीकाकरण बूथ
वर्ष 2018 में जिला अस्पताल में 97.86 लाख रुपये की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण किया गया था। भवन का निर्माण पूरा होने के बाद भी ट्रामा सेंटर शुरू नहीं हो सका है। वहां कुछ दिन हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को बैठकर ओपीडी में मरीज देखे गए थे, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। कोरोना काल में वहां टीकाकरण बूथ बना दिया गया है। इससे गंभीर मरीज आने पर पहले की तरह रैफर कर दिया जाता है।
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एक साल से बंद है शिवपुरी पीएचसी भवन
बीसलपुर क्षेत्र के गांव शिवपुरी नवदिया में पीएचसी बनाने की स्वीकृति 2018 में मिल गई थी। 1.85 करोड़ की लागत से 2019 में पीएचसी का भवन बनना शुरू हुआ था, जो 31 मार्च 2020 को निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था। मगर इसके बाद से पीएचसी का भवन बंद पड़ा है। खास बात यह कि अभी तक इस भवन को हैंडओवर भी नहीं किया गया है। इससे मरीजों को खासी दिक्कत होती है।
बर्न यूनिट व ट्रामा सेंटर को सुपुर्द किया जा चुका है। मगर जिले में सर्जरी के लिए कोई डॉॅक्टर उपलब्ध नहीं है। इसके लिए शासन को पत्र काफी पहले ही भेजा जा चुका है। कोरोना के चलते सारी व्यवस्थाएं ठप हो गई थी, अब हालत कुछ नार्मल हुए हैं। जल्द ही इसे शुरू करने की कवायद की जाएगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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