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डॉक्टर और वार्ड ब्वॉय हो गए पॉजिटिव, स्टाफ नर्स को लगा दिया एल-2 अस्पताल में

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पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक की पीएचसी पंडरी में कई दिनों से ताले लटक रहे हैं। यहां तैनात डॉक्टर और वार्ड ब्वॉय कोरोना पॉजिटिव हैं, बाकी स्टाफ नर्स की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगा दी है। फार्मासिस्ट पहले से बीमार होने की जानकारी देने के बाद ड्यूटी से गायब है। कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। बता दें कि पीएचसी से जुड़े क्षेत्रों में 20 से अधिक लोगों की बुखार के चलते मौत हो चुकी है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग संजीदा नहीं है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरी शुरुआत से ही बदहाल है। स्टाफ होने के बाद भी वहां सामान्य दिनों में भी मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है, जबकि इस पीएचसी पर गांव संडा, सड़िया, हरकिशनपुर, बिठौरा खुर्द, न्यूरिया खुर्द, रम्पुरिया, खरगापुर, कल्लिया समेत दर्जनों गांव के मरीज आते हैं। इसके लिए वहां एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वाूय, एक स्वीपर और एक स्टाफ नर्स तैनात है। कोरोना काल में ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी, ओपीडी सेवा चालू रखने के निर्देश दिए हैं, मगर डॉक्टर और वार्ड ब्वॉय के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। वहीं स्टाफ नर्स की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगा दी गई है। फार्मासिस्ट पहले से ही गायब चल रहा है। ऐसे में पीएचसी पर सिर्फ स्वीपर ही शेष रह गया है। जबकि पंचायत चुनाव के बाद करीब गांव में 20 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। लगभग हर घर में बुखार, खांसी जुकाम आदि के मरीज मिल रहे हैं। इसके बाद भी पीएचसी किसी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई है। इलाज की आस में मरीज पीएचसी पहुंचते हैं, मगर वहां ताला लटकने मिलने के कारण वापस लौट जाते हैं। बृहस्पतिवार को 12 बजे भी पीएचसी बंद रही। इस अव्यवस्था के कारण मरीज मजबूरन झोलाछाप से इलाज कर रहा है।
पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। स्वास्थ्य कर्मी समय पर अस्पताल में नहीं मिलते हैं। अगर मिल भी जाते हैं, तो दवाओं और संसाधन के अभाव में मरीज को रेफर कर देते हैं। - इंद्रजीत सिंह, पंडरी
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वर्तमान में वैसे ही कोरोना महामारी फैली हुई है। ऐसे संकट के दौर में अस्पताल का बंद होना गलत है। अगर स्टाफ पॉजिटिव आ गया है, तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। - कुंवरसेन, संडा
पीएचसी जब बनी थी, तो सोचा था ग्रामीणों को फायदा होगा, लेकिन पीएचसी पर तो सामान्य मर्ज की दवा मिलना भी मुश्किल होता है। अधिकांश समय ताले लगे रहते हैं। - सुरेंद्र पाल पंडरी
पीएचसी के डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद आयुष डॉक्टर को वहां तैनात किया है। जोकि ओपीडी कर रहा है। अगर किसी तरह की समस्या आ रही है, तो निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। - डॉ. एच अंसारी, एमओआईसी, न्यूरिया ब्लॉक
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