पीलीभीत। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण जारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा वैक्सीन पर किए जा रहे शोध में पता चला कि कम दिनों में दूसरी डोज लगाने पर वैक्सीन अधिक कारगर नहीं हो रही है। शासन ने वैक्सीन की दूसरी डोज के समय अंतराल में बदलाव करते हुए नई गाइड लाइन जारी की है।
कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर 16 जनवरी को टीकाकरण का पहला सत्र चलाया गया था। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई थी। तब 28 दिन पूरे होने के बाद दूसरी डोज लगाई गई थी। अब तक जिले में 45 हजार से अधिक लोगों का टीका लगाया जा चुका है। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग और फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण किया जा चुका है। तीसरे चरण में बुजुर्गों और बीमार लोगों का टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण के बीच शासन ने वैक्सीन पर किए गए शोध के बाद दूसरी डोज के समय में फेरबदल किया गया है। शासन की नई गाइड लाइन के मुताबिक अब कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगने के बाद छह से आठ सप्ताह के बीच दूसरी डोज लगेगी। जबकि को-वैक्सीन में चार से छह सप्ताह के बीच लगवा सकते हैं। इतने समय में ही वैक्सीन की दूसरी डोज तेजी से काम करेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो दूसरी डोज का मतलब है बूस्टर। दूसरी डोज लगने के बाद वह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ लंबे समय तक वायरस से लड़ने में कारगर साबित होती है।
शासन की गाइड लाइन मिलने के बाद सभी वैक्सीनेटरों को निर्देशित कर दिया गया है। गाइड लाइन के हिसाब से टीकाकरण कराया जाएगा।
- डॉ. सीएम चतुर्वेदी, कोविड नोडल