पीलीभीत। डीएम के निर्देश पर गुरुवार को शहर के नकटादाना चौराहा पर बिना पंजीकरण चल रहे लाइफ लाइन हेल्थ केयर हॉस्पिटल को सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया ने स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर सील कर दिया। जांच में पता चला कि डॉक्टर के पास बीएएमएस की डिग्री थी, लेकिन वह ऑपरेशन भी करता था। चार अप्रैल को पंजीकरण की वैधता भी समाप्त हो गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल के सभी कमरों को सील करने के साथ जांच पड़ताल के लिए अभिलेख जब्त कर लिए।
अफसरों के अनुसार पिछले दिनों एक व्यक्ति ने डीएम से शिकायत की थी कि नकटादाना चौराहा स्थित लाइफ लाइन हेल्थ केयर हॉस्पिटल बिना पंजीकरण चल रहा है। अस्पताल संचालक डॉ. शरीफ उल हक बीएएमएस होने के बावजूद ऑपेरशन तक करे रहे हैं। इस शिकायत के बाद कार्रवाई को लेकर रणनीति बनाई गई और गुरुवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया ने तहसीलदार विवेक मिश्रा, एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी, डॉ. वीबी राम, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल आदि के साथ अस्पताल पर छापा मारा। छापा मारने के दौरान अस्पताल में तमाम अनियमितताएं मिलीं। जांच में पता चला कि आयुर्वेदिक कार्यालय में क्लीनिक का पंजीकरण काफी पहले कराया गया था। उसकी वैधता भी चार अप्रैल को समाप्त हो चुकी थी। यहां ऑपरेशन भी किए जा रहे थे। भारी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयां भी बरामद की गईं। मौके से बरामद कई रजिस्टरों को जांच के लिए कब्जे में लेकर अस्पताल को सील कर दिया गया।
अफसरों के रहमोकरम से चल रहा था खेल
लाश का इलाज करने के मामले में अस्पताल संचालक पर शिकंजा कसने में नाकाम अफसरों की ओर से लाइफ लाइन अस्पताल पर की गई कार्रवाई से मिलीभगत का एक और कारनामा सामने आया है। सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया के पूछने पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक/ यूनानी अधिकारी नीता वर्मा ने बताया कि डॉक्टर ने क्लीनिक का पंजीकरण कराया था। ऑपरेशन करने का मामला और पंजीकरण की वैधता खत्म होने का पता चलने पर पिछले दिनों डॉक्टर को चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी डॉक्टर ने पंजीकरण नहीं कराया। इस पर यूनानी अधिकारी की फटकार लगी। वहीं एक बात यह भी स्पष्ट हो गई कि यूनानी अधिकारी से साठगांठ कर अस्पताल संचालित हो रहा था।
वाणिज्य कर टीम पहुंच गई लाश का इलाज करने वाले अस्पताल पर
कार्रवाई के दौरान अस्पताल में संचालित मेडिकल स्टोर के अभिलेखों की जांच पड़ताल के लिए वाणिज्यकर विभाग को सूचना दी गई। यहां मजे की बात यह रही कि सूचना मिलने पर आनन-फानन में टीम लाश का इलाज करने वाले अस्पताल पर पहुंच गई। टीम को लगा कि कई दिनों से सुर्खियों में चल रहे इस अस्पताल को सील किया जाना है, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि कार्रवाई नकटादाना चौराहा स्थित अस्पताल पर हुई है। तब वाणिज्यकर विभाग की सहायक आयुक्त वंदना वर्मा टीम के साथ लाइफ लाइन हेल्थ केयर हॉस्पिटल पहुंची और फिर अभिलेखों की जांच पड़ताल की।
बोलीं सिटी मजिस्ट्रेट
डीएम के निर्देश पर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारकर अभिलेखों की जांच पड़ताल की तो पता चला कि अस्पताल बिना पंजीकरण चल रहा है। डॉक्टर के पास बीएएमएस की डिग्री मिली है। भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां अस्पताल से मिली हैं। अस्पताल को सील कर दिया है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
- ऋतु पूनिया, सिटी मजिस्ट्रेट
बोले अस्पताल संचालक
पंजीकरण खत्म होने के बाद नर्सिंग होम में पंजीकरण कराने के लिए सीएमओ कार्यालय में एक जून को आवेदन किया था। पंजीकरण फाइल सीएमओ कार्यालय में हैं। पंजीकरण की वैधता खत्म होने के कारण अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। ऑपरेशन के लिए ऑनकाल डॉक्टर्स बुलाए जाते थे।
- डॉ. शरीफ उल हसन, अस्पताल संचालक