पीलीभीत। नौनिहालों चश्मा मुहैया कराने की सरकार का कल्याणकारी नेत्र ज्योति अभियान जिले में पिछड़ गया है। लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग अब तक एक भी चश्मा नहीं बांट सका है। हालांकि आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम ने जिले के स्कूलों में अब तक दो हजार से अधिक बच्चों का चयन किया है। अब विभाग सप्ताह भर में बच्चों को चश्मा वितरित करने का दावा कर रहा है।
सरकारी की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में जिम्मेदार खुद ही लापरवाह बने हैं। कमजोर दृष्टि के बाद भी स्कूलों की किताब पढ़ रहे नौनिहालों को चश्मा देने की योजना जिले में वित्तीय वर्ष अब तक शून्य साबित हुई। नेत्र ज्योति अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम जिले में ब्लॉक स्तर पर स्कूलों में जाकर बच्चों की आंखों का नेत्र परीक्षण उन्हें चिह्नित करती है। इसको लेकर पूर्व में ही टीमों ने प्रत्येक ब्लॉक से 250 व पूरनपुर ब्लॉक से 541 बच्चों को चयनित किया है। स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली के चलते आंखों की दृष्टि से कमजोर बच्चे अब तक चश्मे का इंतजार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग पर नेत्र चिकित्सकों की कमी
स्वास्थ्य विभाग के पास नेत्र चिकित्सकों की कमी है। विभाग में कुल 11 पद स्वीकृत होने के बाद तीन की ही तैनाती है। वहीं संविदा चिकित्सकों की संख्या भी जिले में स्वीकृत पदों से आधी है।
नेत्र ज्योति अभियान को लेकर जिले में सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। बच्चों को चयनित कर जल्द ही चश्मे बांट दिए जाएंगे।
डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी